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रेप के आरोप में गिरफ्तार भाजपा नेता छह महीने से पीड़िता को दे रहा था झांसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 23 May 2018 11:57 AM IST
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महेंद्र नाथ पाण्डेय के साथ कन्हैयालाल मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में एक भाजपा नेता को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भाजपा नेता ने एक महिला को छह महीने से नौकरी का झांसा दे रहा था। पीड़िता ने बताया कि वो कोलकाता की रहने वाली है और पांडेयपुर क्षेत्र में अपनी मौसेरी बहन के यहां ठहरी हुई है।
पिछले छह-सात महीने से मोबाइल पर बातचीत के दौरान उसे भदोही के भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा ने नौकरी दिलाने का वादा किया और फिर लॉज में बुलाया था।
इस बारे में सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर दुराचार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर आरोपी कन्हैयालाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस के मुताबिक सत्संग लॉज के कमरा नंबर 61 में तफ्तीश करने टीम पहुंची तो वहां जगह-जगह चूड़ियां टूटी पड़ी थीं और कन्हैयालाल मिश्रा का कुर्ता फटा था।
हालांकि कन्हैयालाल मिश्रा का कहना था कि उस पर लगाया गया आरोप निराधार है। महिला ने बताया कि उसके पति ने घर से निकाल दिया है और उसे गुजर-बसर के लिए काम चाहिए तो वो उसकी मदद कर रहे थे।
उधर, समूचे घटनाक्रम को लेकर भाजपा काशी प्रांत के क्षेत्रीय प्रवक्ता संजय भारद्वाज ने कहा कि दुराचार के आरोपी भाजपा भदोही के पूर्व जिलाध्यक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाएंगे तो पार्टी कड़ी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी लेकिन सच्चाई सामने आना जरूरी है।
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पिछले छह-सात महीने से मोबाइल पर बातचीत के दौरान उसे भदोही के भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा ने नौकरी दिलाने का वादा किया और फिर लॉज में बुलाया था।
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इस बारे में सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर दुराचार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर आरोपी कन्हैयालाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस के मुताबिक सत्संग लॉज के कमरा नंबर 61 में तफ्तीश करने टीम पहुंची तो वहां जगह-जगह चूड़ियां टूटी पड़ी थीं और कन्हैयालाल मिश्रा का कुर्ता फटा था।
हालांकि कन्हैयालाल मिश्रा का कहना था कि उस पर लगाया गया आरोप निराधार है। महिला ने बताया कि उसके पति ने घर से निकाल दिया है और उसे गुजर-बसर के लिए काम चाहिए तो वो उसकी मदद कर रहे थे।
उधर, समूचे घटनाक्रम को लेकर भाजपा काशी प्रांत के क्षेत्रीय प्रवक्ता संजय भारद्वाज ने कहा कि दुराचार के आरोपी भाजपा भदोही के पूर्व जिलाध्यक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाएंगे तो पार्टी कड़ी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी लेकिन सच्चाई सामने आना जरूरी है।
पुलिस का जवाब चौंकाने वाला
कन्हैयालाल मिश्रा
मामले के अनुसार कोलकाता निवासी विवाहिता को कन्हैयालाल ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर वाराणसी कैंट स्टेशन के पास सत्संग लॉज में बुलाया था। इस दौरान उसने विवाहिता से दुराचार किया।
उसके चंगुल से छूटकर विवाहिता ने शोर मचाया तो बगल के कमरे में मौजूद शख्स और होटल स्टाफ भागकर मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी। बता दें कि जिस लॉज में दुराचार की कोशिश की गई वह भाजपा पार्षद सुशील गुप्ता का है।
भदोही जिले के ज्ञानपुर थाना अंतर्गत झिंगुरपुर गांव निवासी कन्हैयालाल मिश्रा यहां अक्सर आता-जाता था। पूर्व में भदोही भाजपा का जिलाध्यक्ष रहा कन्हैयालाल मंगलवार की दोपहर एक महिला के साथ लॉज में पहुंचा।
लॉज मैनेजर को बताया कि बेटी का इलाज कराने वह बनारस आया है और उसे एक कमरा चाहिए। इसके बाद कन्हैयालाल और महिला लॉज के कमरा नंबर 61 में चले गए थे।
वहीं दुराचार का मामला भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष से जुड़ा होने के कारण सिगरा पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आई। हालत यह रही कि पहले तो मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई लेकिन पीड़िता पीछे हटने को तैयार न हुई तो पुलिस को कन्हैयालाल को गिरफ्तार करना पड़ा।
मुकदमा दर्ज होने के बाद सिगरा इंस्पेक्टर सतीश सिंह से आरोपी का नाम-पता पूछा गया तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। कहा कि ‘भैया, दुराचार के आरोपी का नाम पुलिस नहीं बताती है...।’
इस पर उन्हें बताया गया कि ऐसे मामलों में तो सिर्फ पीड़िता और नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। ऐसे में आरोपी का नाम बताने में पुलिस को क्या दिक्कत है इस पर कुछ देर सोचने के बाद कहा कि ‘हां एक कन्हैयालाल मिश्रा गिरफ्तार हैं और कोई बहुत खास मामला नहीं है।’
उसके चंगुल से छूटकर विवाहिता ने शोर मचाया तो बगल के कमरे में मौजूद शख्स और होटल स्टाफ भागकर मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी। बता दें कि जिस लॉज में दुराचार की कोशिश की गई वह भाजपा पार्षद सुशील गुप्ता का है।
भदोही जिले के ज्ञानपुर थाना अंतर्गत झिंगुरपुर गांव निवासी कन्हैयालाल मिश्रा यहां अक्सर आता-जाता था। पूर्व में भदोही भाजपा का जिलाध्यक्ष रहा कन्हैयालाल मंगलवार की दोपहर एक महिला के साथ लॉज में पहुंचा।
लॉज मैनेजर को बताया कि बेटी का इलाज कराने वह बनारस आया है और उसे एक कमरा चाहिए। इसके बाद कन्हैयालाल और महिला लॉज के कमरा नंबर 61 में चले गए थे।
वहीं दुराचार का मामला भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष से जुड़ा होने के कारण सिगरा पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आई। हालत यह रही कि पहले तो मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई लेकिन पीड़िता पीछे हटने को तैयार न हुई तो पुलिस को कन्हैयालाल को गिरफ्तार करना पड़ा।
मुकदमा दर्ज होने के बाद सिगरा इंस्पेक्टर सतीश सिंह से आरोपी का नाम-पता पूछा गया तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। कहा कि ‘भैया, दुराचार के आरोपी का नाम पुलिस नहीं बताती है...।’
इस पर उन्हें बताया गया कि ऐसे मामलों में तो सिर्फ पीड़िता और नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। ऐसे में आरोपी का नाम बताने में पुलिस को क्या दिक्कत है इस पर कुछ देर सोचने के बाद कहा कि ‘हां एक कन्हैयालाल मिश्रा गिरफ्तार हैं और कोई बहुत खास मामला नहीं है।’