Varanasi: बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई मामले में बड़ी कार्रवाई, दो निलंबित छात्रों पर लगा गुंडा एक्ट
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों की पिटाई के आरोपी दो निलंबित छात्रों पर लंका पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। दोनों ही छात्र जमानत पर जेल से बाहर हैं।
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों की पिटाई के आरोपी दो निलंबित छात्रों पर लंका पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। दोनों ही छात्र जमानत पर जेल से बाहर हैं। पुलिस के मुताबिक, बीएचयू से निलंबित छात्र चंदौली के परदासपुर निवासी अजीत यादव और चंदौली के बरहन गांव निवासी रंजीत कुमार यादव आदतन मारपीट करते हैं।
अजीत के खिलाफ अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। रंजीत के खिलाफ भी तीन मुकदमे हैं। पिछले दिनों बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में जूनियर डॉक्टरों से मारपीट मामले में अजीत यादव का परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंधित किया गया था। जांच में पाया गया कि यह पूर्व छात्र है और लगातार परिसर में अशांति फैलाता है। जबकि रंजीत यादव को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। हालांकि उसी दिन दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। लंका इंस्पेक्टर अश्वनी पांडेय ने बताया कि आरोपी छात्रों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जल्द ही दोनों को जिला बदर भी कराया जाएगा।
गुंडा एक्ट का आरोपी छात्र नेता दोषमुक्त
गुंडा एक्ट के एक मामले में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता महमूरगंज निवासी आरोपी उत्कर्ष त्रिपाठी को अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट की कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह व अमनदीप सिंह ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार थाना प्रभारी सिगरा ने 25 मई 2023 को आख्या देकर बताया था कि उत्कर्ष एक शातिर अपराधी है। सिगरा थाना प्रभारी की आख्या के आधार पर अपर पुलिस आयुक्त ने आरोपी को गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था।