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बीएचयू कुलपति बोले- BHU के छात्र-छात्राएं अपनाएं JNU का फार्मूला

Fri, 11 May 2018 01:43 PM IST
रबीश श्रीवास्तव अमर उजाला, वाराणसी
रबीश श्रीवास्तव अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 11 May 2018 01:43 PM IST
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BHU vice chancellor says that BHU students should apply JNU formula
बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर को कार्यभार संभाले हुए छह सप्ताह हो चुके हैं। इस दौरान परिसर में कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। अराजकता पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। वह मानते हैं कि बीएचयू और जेएनयू के माहौल में बड़ा अंतर है। जेएनयू के छात्र अपनी समस्याओं के समाधान के लिए फोर डी (डिबेट, डिस्कशन, डिसएग्रीमेंट, डिसेंट) का रास्ता अपनाते हैं।
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जेएनयू के छात्र मारपीट नहीं करते हैं। बीएचयू के छात्रों को भी कानून के दायरे में रहते हुए फोर डी को अपनाना होगा। समझना होगा कि आपस में मारपीट, पत्थरबाजी और आगजनी से समस्या का हल नहीं होगा।
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इसके लिए प्रो. भटनागर ने छात्रावासों में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत करने का फैसला किया है। उनकी योजना पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए देश-विदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को तलाश कर बीएचयू में लाने की भी है।
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हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से करेंगे बातचीत 
परिसर के माहौल को पढ़ाई के अनुकूल बनाने के लिए सबसे पहले संवादहीनता खत्म की जाएगी। छात्रावासों में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। शुरुआत उन छात्रावासों से होगी, जहां सबसे अधिक समस्या हैं।

आठ मई की घटना के बाद बुधवार को डीन, डायरेक्टर, हॉस्टलों के वार्डन, अधिकारियों और छात्रों संग बैठक की है। छात्रों को समझाया गया कि एक बार आपराधिक रिकार्ड बनने पर प्राइवेट नौकरी पाना भी कठिन हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को भी बुलाकर बातचीत करेंगे। 

शोध को प्रोत्साहन और एकेडमिक स्टैंडर्ड पर रहेगा जोर
प्रो. भटनागर का कहना है कि एकेडमिक स्टैंडर्ड पर पूरा जोर रहेगा। इसके लिए उत्कृष्ट शिक्षकों को लाया जाएगा। महामना जी भी ऐसा ही करते थे। जब उत्कृष्ट शिक्षक आएंगे तभी उत्कृष्ट छात्र भी निकलेंगे और विश्वविद्यालय का एकेडमिक परफार्मेंस भी सुधर जाएगा।

इन शिक्षकों को कैंपस में रहने की सुविधा के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का विस्तार किया जाएगा। एकेडमिक स्टैंडर्ड को बढ़ाना, रिसर्च, और इनोवेशन चुनौतियां हैं। थॉट प्रोसेस बढ़ाने के लिए हर संकाय में जाकर शिक्षकों-छात्रों से मिलकर बातचीत शुरू कर दी है।

नियुक्तियों में अनियमितताएं हमारे लिए सबक

BHU vice chancellor says that BHU students should apply JNU formula
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर - फोटो : अमर उजाला
पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में नियुक्तियों में अनियमितताओं पर कुलपति ने कहा गड़बड़ियां संज्ञान में हैं। सभी को बारीकी से देख रहे हैं। कई मामले कोर्ट में है, जिन पर कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।

गड़बड़ियां दुबारा न हो इसके लिए साफ्टवेयर का सहारा लिया जाएगा, ताकि आवेदक की योग्यताओं की जानकारी एक ही बार में हो जाए। इन गलतियों से सबक लेकर भविष्य में इनका ध्यान रखा जाएगा। 

अटल इन्क्यूवेशन सेंटर खुलेगा
विश्वविद्यालय परिसर में जल्दी ही अटल इन्क्यूवेशन सेंटर खोलने की तैयारी है। इसके तहत न केवल स्टार्ट अप शुरू हो सकेंगे, बल्कि सामाजिक समस्याओं पर फोकस करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले शोध भी किए जाएंगे।

सेंटर के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर पांच साल में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग स्वरोजगार और कारोबार भी शुरू कर सकेंगे। रोजगार और कारोबार का विस्तार होने पर बाहर जाने के मौके भी उपलब्ध होंगे। सेंटर के लिए स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की ओर से प्रयास शुरू हो गया है। 

होटल-हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स शुरू कराएंगे
प्रो. भटनागर ने महसूस किया कि पर्यटन और तीर्थाटन के हब के तौर पर प्रसिद्ध बीएचयू में होटल मैनेजमेंट का पाठ्यक्रम नहीं हैं। पाठ्यक्रम शुरू होने पर छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार पाने में आसानी होगी।

हॉस्पिटल मैनेजमेंट का कोर्स भी शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही स्पेनिश भाषा की पढ़ाई भी शुरू कराने का प्रयास रहेगा। इस भाषा की मांग अधिक है। कोर्स को शुरू करने के लिए संबंधित विभागों से कहा जाएगा।  
 
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