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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU Vice Chancellor said Find such words of Bhojpuri language which are not found other languages

BHU: कुलपति बोले- भोजपुरी भाषा के ऐसे शब्द ढूंढें जो दूसरी भाषाओं में न मिलें, इसे रिसर्चर की नजर से देखें

Mon, 24 Nov 2025 12:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 24 Nov 2025 12:57 PM IST
सार

Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भोजपुर कार्यशाला में लोकगीत और चित्रकला विषय पर गहनता से चर्चा हुई। वक्ताओं ने अपने-अपने स्तर से जानकारीपरक बातें बताईं। कुलपति ने भी इस पर रिसर्च बढ़ाने की सलाह दी।

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BHU Vice Chancellor said Find such words of Bhojpuri language which are not found other languages
कार्यशाला में विचार रखते कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी। - फोटो : संवाद

विस्तार

BHU University Varanasi: बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला में वक्ताओं ने लोकगीत और चित्रकला विषय पर अपनी बात रखी। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि भोजपुरी भाषा के ऐसे शब्द को ढूंढना होगा जो दूसरी भाषाओं में न मिलें। 

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भोजपुरी लोकगीत और चित्रकला : पाठ, गायन और चित्रकला अंतर-विषयक कार्यशाला में बीएचयू कुलपति ने कहा कि किसी भी कार्यशाला की सार्थकता का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए। जिससे कि दूर दराज में बैठे लोग जानकारी ले सकें। हमें अपनी भाषा को रिसर्चर की नजर से देखना चाहिए। भाषा और विभागों को इतना बेहतर बनाना है कि विभिन्न विषयों, पृष्ठभूमियों और देशों के लोग इसकी तरफ आकर्षित हों। 
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संगोष्ठी का प्रतिवेदन केंद्र के समन्वयक और बीएचयू हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. प्रभाकर सिंह ने किया। स्वागत डॉ. केए चंचल ने किया। प्रो. सुषमा घिल्डियाल, प्रो. डॉ. शांति स्वरूप सिन्हा, प्रो. अवधेश प्रधान, प्रो. नीरज खरे, डॉ. रामनारायण तिवारी, पृथ्वीराज सिंह, डॉ. उर्वशी आदि मौजूद रहीं।

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