BHU: हर साल तीन हजार छात्रों को मिलेगी स्पेशल स्कॉलरशिप, 107वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कुलपति ने की घोषणा
बीएचयू के कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय लोगों के दान से ही स्कॉलरशिप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विवि ने 150 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
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बीएचयू में हर साल तीन हजार छात्रों को 25 हजार रुपये की स्पेशल स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए गरीब और मेधावी छात्रों का चयन होगा। विश्वविद्यालय की ओर से लोगों से दान में मिले रुपयों से ही छात्रों को यह स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए करीब 150 करोड़ रुपये एकमुश्त जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके ब्याज से ही हर साल छात्र स्कॉलरशिप पा सकेंगे। विश्वविद्यालय के 107वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कुलपति प्रोफेसर सुधीर जैन ने इसकी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने संकाय और विभागों में चेयर प्रोफेसरशिप शुरू करने के साथ ही अन्य कई सुविधाओं के बारे में भी बताया।
केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलपति ने बताया कि जिस तरह महामना पंडित मदन मोहन मालवीय मालवीय ने विश्वविद्यालय को दान लेकर बनवाया, उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। विश्वविद्यालय के पास पुरातन छात्रों की एक लंबी श्रृंखला है और अब तक पिछले एक महीने में करीब 70 हजार पुरातन छात्रों को विश्वविद्यालय में सहयोग के लिए ईमेल भी किया जा चुका है। इसमें पुरातन छात्र भी बहुत उत्साहित हैं।
कुलपति ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति पांच लाख रुपये एकमुश्त अपने किसी परिजन या अन्य के नाम पर देता है तो उसके ब्याज के रूप में 30 से 35 हजार रुपये हर साल मिलेंगे। इसी में से 25 हजार रुपये हर साल मेधावी और प्रतिभावान छात्रों को दिया जाएंगे। ब्याज में से जो 10 हजार बचेंगे उसे मूलधन में जोड़ दिया जाएगा, जिससे कि अगले साल ब्याज भी बढ़े।
संकायों, विभागों के लिए भी चेयर स्कॉलरशिप
कुलपति ने संकायों, विभागों के लिए अलग से चेयर प्रोफेसरशिप की तरह ही एक स्कॉलरशि शुरू करने की भी पहल की है। उन्होंने बताया कि इसके लिए एकमुश्त 60 लाख रुपये भी संबंधित संकाय, विभाग की ओर से जुटाए जाएंगे। जिसका ब्याज करीब तीन लाख सालाना होगा और इस पैसे से विभाग और संकायों में शिक्षकों और छात्रों की सुविधाओं के साथ ही उन्हें सेमिनार, शोध और अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने पर भी खर्च किया जाएगा।
निजी कंपनियां भी दे सकेंगी विश्वविद्यालय को फंड
कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में अब पुरातन छात्रों के साथ साथ जो भी विश्वविद्यालय को दान देना चाहता है, वह दे सकता है। इसमें निजी कंपनियां भी सहयोग कर सकती हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से सीएसआर में रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है, जिससे कि निजी कंपनियां भी अगर अपने नाम पर कोई स्कॉलरशिप शुरू करने के लिए पैसा देती है तो उसे भी विश्वविद्यालय के द्वारा छात्रों के सुविधाओं कल्याण के लिए लगाया जाएगा।
दान की राशि कर मुक्त, खुला है नया बैंक खाता
कुलपति ने बताया कि दान-कर्ताओं के पास अपनी रुचि के कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता देने का विकल्प भी होगा। बीएचयू को दिए जाने वाले समस्त दानराशि भारत की आयकर नियमावली की धारा 80जी के तहत पूर्णतया कर मुक्त हैं। इच्छुक पुरा छात्रों, शुभचिंतकों व दानकर्ताओं की सहूलियत के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने प्रतिदान के लिए एक नया बैंक खाता खुलवाया है। जिसमें कोई भी न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के किसी भी हिस्से से आर्थिक योगदान दे सकता है। दानकर्ता विश्वविद्यालय की वेबसाइट के लिंक www.bhu.ac.in/donate पर क्लिक कर अपनी मातृ संस्था के लिए दान एवं योगदान कर सकते हैं। इस लिंक पर भारत से दान करने वालों, भारत से बाहर से दान करने वालों एवं वार्षिक दान के साथ साथ भुगतान के विभिन्न विकल्प दिए गए हैं। खास बात यह है कि इसके लिए 5 रुपये स लेकर 5 हजार, 10 हजार, 20 हजार से लेकर पांच लाख और उससे ज्यादा भी दान दिया जा सकता है।