BHU: वीसी ने नौकरशाही प्रक्रिया और देरी से बचने की दी नसीहत, बोले- संस्थान की दक्षता को प्रभावित न करें
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कैंपस के अफसरों के साथ पहली मीटिंग की। उन्होंने यहां की स्थिति को जाना। इसके साथ ही कई निर्देश भी दिए।
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बीएचयू के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने केंद्रीय कार्यालय के अधिकारियों के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक में कामकाज में देरी न करने की नसीहत दी। कहा कि हम सभी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि देरी और नौकरशाही प्रक्रियाएं संस्थान की दक्षता को प्रभावित न करें।
उन्होंने कहा कि मुख्य प्रक्रियाओं को तेज गति से पूरा किया जाए और समय-सीमा निर्धारित की जाए। प्रक्रिया को तेजी से करना अपवाद नहीं सामान्य नियम होना चाहिए। मेडिकल रिएंबर्समेंट में देरी को लेकर अधिकारियों से कहा कि विवि के कर्मचारियों के हितों में कोई भी काम हो तो उसमें 3-4 महीने की देरी न की जाए।
वहीं, अस्पतालों में कैशलेश सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया में हो रही देरी की जानकारी ली। आईआईटी बीएचयू का उदाहरण देकर बताया कि वहां इंपैनल्ड अस्पताल हैं, जहां पर कैशलेस इलाज किया जाता है।
ऐसे काम करें कि बीएचयू की सकारात्मक छवि बने
बैठक में कुलपति ने ये भी अपील की कि वे इस तरह काम करें कि सभी हितधारकों के मन में बीएचयू के प्रति सकारात्मक छवि और मजबूत हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सही निर्णय लें। इकाइयों और अधिकारियों के बीच निरंतर संवाद और संपर्क बनाए रखने को जरूरी बताया।
बैठक में वित्ताधिकारी मनोज पांडेय, परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियाल, अतिरिक्त परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह संयुक्त कुलसचिव, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव और रजिस्ट्रार आदि मौजूद रहे।