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‘कहां से आया तमंचा, छत पर क्यों रखे थे पेट्रोल बम’
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एलबीएस हॉस्टल में तमंचा कहां से आया? छत पर पेट्रोल बम और ईंट-पत्थर इकट्ठा कर क्यों रखे गए थे? यह सवाल पूछते हुए जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने एलबीएस हॉस्टल के वार्डन और विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि वार्डन हॉस्टल के छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखते और प्रॉक्टोरियल बोर्ड सही तरीके से निगरानी करता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।
बीएचयू का माहौल इससे पहले भी अशांत हुआ था तो पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक हुई थी। तय किया गया था कि हॉस्टलों में बाहरी छात्र न ठहरें, यह वार्डन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही हॉस्टलों से गैरकानूनी गतिविधियां संचालित न होने पाएं। जिला प्रशासन की इन बातों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हामी भरते हुए हॉस्टलों की निगरानी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने को कहा था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिस बात के लिए हामी भरी, उस पर सही तरीके से अमल नहीं किया गया और एलबीएस हॉस्टल की छत से तमंचा, ईंट-पत्थर व पेट्रोल बम इकट्ठा कर लिए गए। आशंका जताई गई कि कुछ छात्रों के कमरे में भी अवैध असलहे रखे हो सकते हैं। कारण, जब पुलिस ने हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन चलाया तो कुछ उपद्रवी छात्र अपने कमरे बंद कर भाग निकले थे।
बीएचयू में सात सौ से ज्यादा सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और विश्वविद्यालय का अपना खुफिया तंत्र है। इसके बावजूद माहौल अराजक होने की भनक नहीं लग पाती है। बृहस्पतिवार दोपहर भी यही हुआ। सुरक्षा कर्मियों व खुफिया तंत्र की भारी भरकम फौज देखती रह गई और परिसर में जमकर मारपीट, पथराव व तोड़फोड़ हुई।
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बीएचयू का माहौल इससे पहले भी अशांत हुआ था तो पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक हुई थी। तय किया गया था कि हॉस्टलों में बाहरी छात्र न ठहरें, यह वार्डन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही हॉस्टलों से गैरकानूनी गतिविधियां संचालित न होने पाएं। जिला प्रशासन की इन बातों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हामी भरते हुए हॉस्टलों की निगरानी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने को कहा था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिस बात के लिए हामी भरी, उस पर सही तरीके से अमल नहीं किया गया और एलबीएस हॉस्टल की छत से तमंचा, ईंट-पत्थर व पेट्रोल बम इकट्ठा कर लिए गए। आशंका जताई गई कि कुछ छात्रों के कमरे में भी अवैध असलहे रखे हो सकते हैं। कारण, जब पुलिस ने हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन चलाया तो कुछ उपद्रवी छात्र अपने कमरे बंद कर भाग निकले थे।
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बीएचयू में सात सौ से ज्यादा सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और विश्वविद्यालय का अपना खुफिया तंत्र है। इसके बावजूद माहौल अराजक होने की भनक नहीं लग पाती है। बृहस्पतिवार दोपहर भी यही हुआ। सुरक्षा कर्मियों व खुफिया तंत्र की भारी भरकम फौज देखती रह गई और परिसर में जमकर मारपीट, पथराव व तोड़फोड़ हुई।
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