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ऑनलाइन बुकिंग में जगह नहीं, ओपीडी में स्क्रीन बंद
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वाराणसी। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा तो शुरू की गई है लेकिन मरीजों को इसका पुरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक ओर जहां कई विभागाें में जगह नहीं बची है, वहीं अगर किसी तरह मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं तो वहां लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यहां मरीजों की सुविधा के लिए लगी टीवी स्क्रीन भी बंद होने से टोकन व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है।
ओपीडी में वाराणसी और आसपास के राज्यों, जिलों से मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लिए आते हैं। कोरोना काल में अगस्त से ओपीडी शुरू हुई है। पहले तो विभागवार मरीजों की संख्या 50 और फिर बाद में इसे बढ़ाकर 100 कर दिया गया। इसके बाद भी बहुत लोग बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। इस महीने जगह की बात करें तो इंफेक्शन डिजीज, यूरोलॉजी में 26-28-31 और पेन क्लीनिक में 25-28-30, स्पेशल क्लीनिक में 25-26-29 दिसंबर को छोड़कर बाकी और दिनों में कोई जगह नहीं बची है। इसके अलावा भी कई विभागों में अलग-अलग स्लॉट में बस एक स्लॉट में ही जगह बची है।
ओपीडी में आने वाले मरीजों को इंतजार न करना पड़े और उस पर टोकन नंबर आता रहे। इसके लिए हर विभाग की ओपीडी के बाहर जो टीवी स्क्रीन लगवाई गई थी, वह भी लंबे समय से बंद पड़ी है। यहीं कारण है कि मरीजों को जानकारी नहीं मिल पा रही है। वह एक जगह खड़े होकर अपने नाम बुलाने का इंतजार करते हैं।
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ओपीडी में वाराणसी और आसपास के राज्यों, जिलों से मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लिए आते हैं। कोरोना काल में अगस्त से ओपीडी शुरू हुई है। पहले तो विभागवार मरीजों की संख्या 50 और फिर बाद में इसे बढ़ाकर 100 कर दिया गया। इसके बाद भी बहुत लोग बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। इस महीने जगह की बात करें तो इंफेक्शन डिजीज, यूरोलॉजी में 26-28-31 और पेन क्लीनिक में 25-28-30, स्पेशल क्लीनिक में 25-26-29 दिसंबर को छोड़कर बाकी और दिनों में कोई जगह नहीं बची है। इसके अलावा भी कई विभागों में अलग-अलग स्लॉट में बस एक स्लॉट में ही जगह बची है।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों को इंतजार न करना पड़े और उस पर टोकन नंबर आता रहे। इसके लिए हर विभाग की ओपीडी के बाहर जो टीवी स्क्रीन लगवाई गई थी, वह भी लंबे समय से बंद पड़ी है। यहीं कारण है कि मरीजों को जानकारी नहीं मिल पा रही है। वह एक जगह खड़े होकर अपने नाम बुलाने का इंतजार करते हैं।
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