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राजमार्गों के विकास, रखरखाव पर नई तकनीक सुझाएगा आईआईटी बीएचयू
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वाराणसी। सड़क सुरक्षा इंजीनियरिंग, राजमार्ग के विकास, रखरखाव और संचालन के क्षेत्र में नई तकनीक पर आईआईटी बीएचयू सरकार को अपना सुझाव देगा। तकनीकी विकास को लेकर आईआईटी बीएचयू और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के बीच दिल्ली में समझौता हुआ। विज्ञान भवन नई दिल्ली में 11 से 17 जनवरी तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा चल रहे 31वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान आईआईटी निदेशक प्रो. प्रमोद जैन और महानिदेशक सड़क विकास और विशेष सचिव आईके पांडेय ने समझौते पर हस्ताक्षर किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राजमार्ग क्षेत्र में नई तकनीक और नवाचार पेश करने के लिए उद्योग-अकादमिक संपर्क के सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना चाहता है। शोध छात्रों के बीच इसके प्रति रुचि बढ़ सके, इसके लिए मंत्रालय ने संस्थान में एक आनरेरी चेयर स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
मंत्रालय द्वारा चुने हुए विषयों पर संस्थान शोध कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इसके अलावा अधिकारियों को शोध कार्यक्रमों में भाग लेने, राजमार्ग जागरूकता से संबंधित कार्यशाला, सम्मेलन कराने, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में परामर्श देने आदि पर भी सहमति बनी है। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग वीके सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
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सड़क सुरक्षा, सामाजिक प्रभावों पर होगा अध्ययन
संस्थान के शिक्षकों और देश के अन्य संस्थानों के शिक्षाविद मिलकर राजमार्ग सुरक्षा विकास परियोजना के अंतर्गत सड़क सुरक्षा, पर्यावरण एवं सामाजिक प्रभावों से संबंधित अध्ययन करेंगे। संस्थान राजमार्ग विकास के लिए मानकों, दिशानिर्देशों, सेमिनार, प्रशिक्षण एवं प्रयोग पुस्तिका आदि के माध्यम से राजमार्ग विकास की योजना, डिजाइन, निर्माण, संचालन एवं रखरखाव से संबंधित जानकारी देगा।
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संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राजमार्ग क्षेत्र में नई तकनीक और नवाचार पेश करने के लिए उद्योग-अकादमिक संपर्क के सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना चाहता है। शोध छात्रों के बीच इसके प्रति रुचि बढ़ सके, इसके लिए मंत्रालय ने संस्थान में एक आनरेरी चेयर स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
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मंत्रालय द्वारा चुने हुए विषयों पर संस्थान शोध कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इसके अलावा अधिकारियों को शोध कार्यक्रमों में भाग लेने, राजमार्ग जागरूकता से संबंधित कार्यशाला, सम्मेलन कराने, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में परामर्श देने आदि पर भी सहमति बनी है। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग वीके सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
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सड़क सुरक्षा, सामाजिक प्रभावों पर होगा अध्ययन
संस्थान के शिक्षकों और देश के अन्य संस्थानों के शिक्षाविद मिलकर राजमार्ग सुरक्षा विकास परियोजना के अंतर्गत सड़क सुरक्षा, पर्यावरण एवं सामाजिक प्रभावों से संबंधित अध्ययन करेंगे। संस्थान राजमार्ग विकास के लिए मानकों, दिशानिर्देशों, सेमिनार, प्रशिक्षण एवं प्रयोग पुस्तिका आदि के माध्यम से राजमार्ग विकास की योजना, डिजाइन, निर्माण, संचालन एवं रखरखाव से संबंधित जानकारी देगा।