BHU Trauma Centre: लाडले खेलेंगे पालना घर में, मरीजों की सेवा करेंगे चिकित्सक और कर्मचारी
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को पालना घर का उद्घाटन हो गया। इस पालना घर में बच्चों के देखभाल के साथ ही खेलकूद और प्ले स्कूल जैसी पढ़ाई की भी पूरी सुविधा है।
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आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के ड्यूटी पर रहने के दौरान उनके बच्चों की सही तरीके से देखभाल हो सकेगी। इसके लिए यहां पालना घर बनाया गया है। सोमवार को बीएचयू के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला ने पालना घर का उद्घाटन किया। खास बात यह है कि इस पालना घर में देखभाल के साथ ही खेलकूद और प्ले स्कूल जैसी पढ़ाई की भी पूरी सुविधा रहेगी।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या मिलाकर करीब 200 है, जो दिन रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसे स्टाफ जिनके बच्चे बहुत छोटे हैं, उनको घर पर देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे चिकित्सक और कर्मचारी अब अपने बच्चों को पालना घर में रख सकेंगे।
पालनाघर पूरी तरह से वातानुकूलित
रेक्टर प्रो.वीके शुक्ला ने उद्घाटन के बाद ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के इस प्रयास की सराहना की। कहा कि पालना घर में बच्चों की देखभाल होने से चिकित्सकों, कर्मचारियों को कामकाज में कोई असुविधा नहीं होगी। ट्रॉमा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि नर्सिंग हॉस्टल में बना पालनाघर पूरी तरह से वातानुकूलित है।
यहां बच्चों के लिए इनडोर गेम, कॉपी-किताब, पढ़ाई की सुविधा के साथ ही झूला और खिलौना भी हैं। देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। बच्चों के खाने के लिए जरूरी सामान भी रहेगा। प्रो. सिंह ने बताया कि मरीजों के लिए ट्रॉमा सेंटर में पैथालॉजी, आधुनिक उपकरणों से युक्त ऑपरेशन थिएटर, ट्राएज एरिया आदि की सुविधाओं के बाद मरीजों के लिए जल्द ही और भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इस दौरान आईएमएस निदेशक प्रो.एसके सिंह, के साथ ही प्रो.अशोक कुमार,प्रो.विनय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।