नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में आगे आए बीएचयू के शिक्षक, चलाया हस्ताक्षर अभियान
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नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) के विरोध में छात्रों के बाद अब बीएचयू के शिक्षक भी आगे आए हैं। इसके लिए शिक्षकों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है। उन्होंने कानून को आम लोगों की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।
सीएए को लेकर देश भर में विरोध-प्रदर्शन और बवाल चल रहा है। कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़, लाठीचार्ज की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इधर बनारस में भी इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ ही बजरडीहा में लाठीचार्ज पिछले दिनों हुआ।
पिछले दिनों सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाले बीएचयू के 20 छात्र इन दिनों जेल में हैं। अब शिक्षक भी इसके विरोध में उतर आए हैं। शिक्षकों ने पिछले दिनों छात्रों पर लाठीचार्ज की भी निंदा की है।
वहीं बुधवार कोनागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर बीएचयू में छात्र एक बार विरोध मे उतर आए। कई छात्रों ने बीएचयू के दीक्षांत समारोह में एक छात्र ने मेडल लेने से मना कर दिया तो वहीं इसके साथ में कला संकाय के छात्र भी समर्थन में आ गए। उन्होंने सीएए को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र कला संकाय में उन छात्रों के पोस्टर लेकर खड़े होकर विरोध-प्रधर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने नागरिकता काननू को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया था।
बीएचयू के छात्रों की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में रैली निकाल रहे बीएचयू के छात्रों की गिरफ्तारी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि बनारस के कई सारे छात्र, अंबेडकरवादी, गांधीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
पुलिस ने उनको जेल भेज दिया है। एक परिवार का एक साल का बच्चा अकेले है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन की ये सजा। सरकार का व्यवहार हद से बाहर हो चुका है। इसमें कांग्रेस महासचिव ने एक पोस्टर भी ट्वीट किया है, जिसमें गिरफ्तार छात्रों की फोटो और उनके छात्र होने की जानकारी है।