फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU super researchers received 4.46 crore rupees without JRF contributing to international research quality

BHU: 531 सुपर रिसर्चर, बिना JRF मिले 4.46 करोड़; अंतरराष्ट्रीय रिसर्च की गुणवत्ता से हर एक छात्र को 84-84 हजार

Fri, 23 Jan 2026 04:20 PM IST
अमन विश्वकर्मा हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 23 Jan 2026 04:20 PM IST
सार

Varanasi News: विज्ञान के छात्रों के रिसर्च टॉप उच्च गुणवत्ता वाले क्यू-1 और क्यू-2 के जर्नल, वहीं ह्यूमैनिटीज विषयों के रिसर्च क्यू-3 और क्यू-4 जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। 

विज्ञापन
BHU super researchers received 4.46 crore rupees without JRF contributing to international research quality
बीएचयू कैंपस में जाते विद्यार्थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू में बिना जेआरएफ वाले 531 छात्र सुपर रिसर्चर के तौर पर पहचाने गए हैं। ये सभी पीएचडी छात्र हैं। इनकी रिसर्च गुणवत्ता के लिए बीएचयू ने 4.46 करोड़ से ज्यादा धन दे दिया है। पिछले तीन वर्ष से ऐसे शोध छात्रों को पहचान कर धनराशि भेजी जा रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) फंड के तहत हर एक को 84 हजार रुपये दिए गए हैं। 

विज्ञापन


इन 531 में से 65 फीसदी से ज्यादा विज्ञान, पर्यावरण संस्थान और कृषि विज्ञान संस्थान के शोध छात्र हैं, बाकी 40 फीसदी में आईएमएस, आयुर्वेद, कला संकाय, सामाजिक विज्ञान, दृश्य कला, मंच कला आदि संकायों के शोध छात्र हैं।
विज्ञापन


ये सुपर रिसर्चर पिछले तीन साल में तैयार किए गए हैं। इनमें से 136 पीएचडी स्कॉलर्स ऐसे हैं जो सत्र 2024-25 में इस कैटेगरी में शामिल किए गए हैं। इनमें विज्ञान और कृषि विज्ञान से 93 और 43 छात्र शेष विषयों से हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कम से कम एक रिसर्च उच्च गुणवत्ता के जर्नल में प्रकाशित: बीएचयू के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ये डेटा एकत्र किया गया है। प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि इस प्रोत्साहन के पीछे वजह ये है कि इन छात्रों ने कम से कम अपना एक रिसर्च अंतरराष्ट्रीय स्तर के उच्च गुणवत्ता वाले जर्नल में प्रकाशित कराया है। 

2024 तक 395 को मिली धनराशि
प्रो. भट्टाचार्य ने बताया कि 2022 से 2024 तक 395 पीएचडी छात्रों को ये धनराशि दी चुकी है। वहीं, उसके बाद 2025 से लेकर अब तक 136 शोधकर्ताओं को ये सहायता मिली है। बीएचयू ने मार्च 2022 में इंसेंटिव टू रिसर्च स्कॉलर्स स्कीम की शुरुआत की थी। इसके तहत रिसर्च करने वाले छात्रों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहन धनराशि देना था। बीएचयू की ओर से ये धनराशि नॉन नेट फेलोशिप के तहत दी जा रही है। जो छात्र पहले से जेआरएफ के तहत फेलोशिप लेकर बीएचयू में रिसर्च कर रहे हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed