बीएचयू के छात्र अब पढ़ेंगे राष्ट्रीय आंदोलनों का पाठ, राजनीतिक संघर्षों से होंगे परिचित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू में दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जय प्रकाश नारायण के नाम पर अध्ययन केंद्र खोले जाने के फैसले के बाद अब सामाजिक विज्ञान संकाय में छात्रों को राष्ट्रीय आंदोलनों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए नया अध्ययन केंद्र खोलने की तैयारी है। संकाय की ओर से इसका प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
बीएचयू में छात्र-छात्राओं को राजनीतिक संघर्षों से परिचित कराने के लिए सामाजिक विज्ञान संकाय नया अध्ययन केंद्र खोलेगा। इसमें पीजी के पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ ही शोध कार्य भी कराया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय की पहल पर इस दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है। संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने बताया कि केंद्र में क्या-क्या सुविधाएं रहेंगी, कौन कौन से पाठयक्रम पढ़ाए जाएंगे, शोध आदि को लेकर प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा जाएगा। बताया कि राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
स्वतंत्रता आंदोलन में काशी की अहम भूमिका
स्वतंत्रता आंदोलन में काशी की अहम भूमिका रही है। इसमें बीएचयू, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ कई आंदोलनों के केंद्र रह चुके हैं। इन शिक्षण संस्थाओं में आंदोलनों को लेकर बैठक, परिचर्चा भी हुई थी। देश में हुए कई राष्ट्रीय आंदोलनों में भी इन संस्थाओं का योगदान रहा है। अब सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से इस तरह के आंदोलनों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के बाद छात्र-छात्राओं को इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातों को जानने का अवसर मिलेगा।
काशी अध्ययन केंद्र से जुड़ रहे विद्वान
सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत चलने वाले काशी अध्ययन केंद्र के संचालन की दिशा में भी कदम आगे बढ़ गए हैं। सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने बताया कि छात्र-छात्राओं को काशी से जुड़ी घटनाओं, इतिहास आदि के बारे में बताने वाले कई विद्वान केंद्र से जुड़ गए हैं। काशी स्टडी कोर्स पास होने के बाद काशी के जानकारों की समय-समय पर मदद ली जाएगी।
सामाजिक विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्रा ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलनों के बारे में छात्र-छात्राओं को रूबरू कराना बहुत जरूरी है। इस उद्देश्य से नया केंद्र खोले जाने की तैयारी चल रही है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शिक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा।