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बीएचयू के छात्र ने हॉस्टल में लगाई फांसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 19 Mar 2017 01:52 AM IST
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पत्नी का कत्ल करके लगा लिया फंदा
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बीएचयू के मूना देवी हॉस्टल में रहने वाले बीए तृतीय वर्ष के छात्र सरोज भारती (21) ने शुक्रवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस का कहना है कि कैंपस की ही एक छात्रा से उसका प्रेम प्रसंग था। किसी बात पर दोनों के बीच अनबन हुई थी। सरोज के भाई की तहरीर पर छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सरोज का मोबाइल कब्जे में लेकर पुलिस तफ्तीश में जुटी है। घटना से आहत कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
मिर्जापुर जिले के जमालपुर थानांतर्गत बहुअर गांव निवासी सेवानिवृत्त फायर ब्रिगेड कर्मी लल्लन राम के तीन बेटों और एक बेटी में सबसे छोटा सरोज बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय में बीए आनर्स (इतिहास) तृतीय वर्ष का छात्र था। सरोज मूना देवी हॉस्टल के कमरा नंबर 93 में अपने सहपाठी नरेश के साथ रहता था।
नरेश ने लंका पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सरोज ने उससे कहा कि उसे मोबाइल पर जरूरी वीडियो काल करनी है इसलिए वह बाहर चला जाए। नरेश करीब 45 मिनट बाद बाहर से आया तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने और आवाज देने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उसने आसपास के छात्रों, वार्डन सीडी अधिकारी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस को सूचना दी। इस बीच, हॉस्टल के कुछ छात्रों ने ऊपर चढ़कर रोशनदान से अंदर देखा तो सरोज पंखे से बंधे गमछे के फंदे से लटका था।
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रात में ही मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही, सरोज का मोबाइल कब्जे में लेकर कमरे को सील कर दिया। तब तक बीएचयू में ही एमसीए की पढ़ाई करने वाले सरोज के बड़े भाई मनोज भी पहुंचे। सुबह सरोज के एक अन्य भाई सुनील और परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। सुनील का कहना था कि कैंपस की ही स्नातक की एक छात्रा से सरोज की काफी नजदीकियां थीं। उसी की किसी बात से सरोज आहत था। सुनील की तहरीर पर लंका थाने में छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
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मिर्जापुर जिले के जमालपुर थानांतर्गत बहुअर गांव निवासी सेवानिवृत्त फायर ब्रिगेड कर्मी लल्लन राम के तीन बेटों और एक बेटी में सबसे छोटा सरोज बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय में बीए आनर्स (इतिहास) तृतीय वर्ष का छात्र था। सरोज मूना देवी हॉस्टल के कमरा नंबर 93 में अपने सहपाठी नरेश के साथ रहता था।
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नरेश ने लंका पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सरोज ने उससे कहा कि उसे मोबाइल पर जरूरी वीडियो काल करनी है इसलिए वह बाहर चला जाए। नरेश करीब 45 मिनट बाद बाहर से आया तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने और आवाज देने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उसने आसपास के छात्रों, वार्डन सीडी अधिकारी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस को सूचना दी। इस बीच, हॉस्टल के कुछ छात्रों ने ऊपर चढ़कर रोशनदान से अंदर देखा तो सरोज पंखे से बंधे गमछे के फंदे से लटका था।
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रात में ही मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही, सरोज का मोबाइल कब्जे में लेकर कमरे को सील कर दिया। तब तक बीएचयू में ही एमसीए की पढ़ाई करने वाले सरोज के बड़े भाई मनोज भी पहुंचे। सुबह सरोज के एक अन्य भाई सुनील और परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। सुनील का कहना था कि कैंपस की ही स्नातक की एक छात्रा से सरोज की काफी नजदीकियां थीं। उसी की किसी बात से सरोज आहत था। सुनील की तहरीर पर लंका थाने में छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।