पूर्वांचल में कोरोना के म्यूटेंट का पता लगाने में जुटा बीएचयू, हैदराबाद में चल रही जांच
आईएमएस बीएचयू और जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर इस पर शोध कर रहे हैं। इसके लिए वाराणसी समेत अन्य जिलों के 140 लोगों के सैंपल की जांच हैदराबाद में हो रही है।
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कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह से संक्रमण तेजी से बढ़ा, उसको लेकर वैज्ञानिक अध्ययन में जुट गए हैं। बीएचयू में कोरोना के अलग-अलग म्यूटेंट का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। इस अध्ययन से न केवल अलग-अलग म्यूटेंट की जानकारी मिल सकेगी, बल्कि समय रहते जानकारी मिलने के बाद तीसरी लहर से निपटने में भी कारगर होगी।
कोरोना की दूसरी लहर में अलग-अलग म्यूटेंट मिलने के मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि सबका प्रभाव भी अलग-अलग रहा है। डबल, ट्रिपल म्यूटेंट भी मिल चुके हैं। बीएचयू के वैज्ञानिकों के मुताबिक बनारस समेत आसपास के जिलों में करीब आधा दर्जन से अधिक अलग-अलग म्यूटेंट हैं। इसी का पता लगाने के लिए बीएचयू की ओर से अध्ययन भी शुरू हो गया है। बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट, आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।
140 मरीजों के सैंपल की हैदराबाद में हो रही जांच
बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के अनुसार वाराणसी के साथ ही गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर सहित अन्य जगहों से कुल 140 मरीजों के सैंपल लेकर उसे सीसीएमबी (सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी) हैदराबाद में जांच के लिए भेजा गया है। इसमें 19 लोगों का टीकाकरण भी हो चुका है।
पूर्वांचल में करीब आधा दर्जन से अधिक म्यूटेंट की जानकारी
प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे के अनुसार प्रथम दृष्टया अभी पूर्वांचल में आधा दर्जन से अधिक म्यूटेंट का पता चला है। जांच रिपोर्ट और चल रहे अध्ययन से सही जानकारी मिल सकेगी। बताया कि इसी सप्ताह तक हैदराबाद से रिपोर्ट भी मिलने की संभावना है। इसके बाद पता चल सकेगा कि पूर्वांचल में कितने तरह के म्यूटेंट सक्रिय हैं। इससे दूसरी लहर के साथ ही तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।