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BHU में बवालः विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में उतरा ABVP
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 26 Sep 2017 10:11 AM IST
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परिषद कार्यकर्ताओं का धरना बना रहा चर्चा का विषय
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज, छात्रों की पिटाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अब सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार से काशी प्रांत के प्रांत मंत्री भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भारत कला भवन के पास चौराहे पर धरना शुरू कर दिया है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर चीफ प्राक्टर समेत पूरे प्राक्टोरियल बोर्ड को कैंपस में लगातार हो रही घटनाओं को रोकने में असफल बताते हुए बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया है।
धरना स्थल पर परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्राओं पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई सहित घटनाओं की निंदा करने से संबंधित स्लोगन लिखा पोस्टर लगाया गया है। उधर परिसर में परिषद का यह धरना चर्चा का विषय बना रहा।
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इस दौरान भूपेंद्र ने कहा कि परिषद छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही अन्य समस्याओं का मुद्दा लगातार उठाती रहती है। आठ सितंबर को भी ज्ञापन दिया गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
छात्रा के साथ हुई घटना दुर्भाग्य पूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
ये हैं परिषद की मांग
- घटनाओं के बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया जाए।
- लाठीचार्ज की घटनाओं पर न्यायिक जांच आयोग गठित कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- बीएचयू में घटनाओं को रोक पाने में असफल चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
- महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए। परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।
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इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर चीफ प्राक्टर समेत पूरे प्राक्टोरियल बोर्ड को कैंपस में लगातार हो रही घटनाओं को रोकने में असफल बताते हुए बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया है।
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धरना स्थल पर परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्राओं पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई सहित घटनाओं की निंदा करने से संबंधित स्लोगन लिखा पोस्टर लगाया गया है। उधर परिसर में परिषद का यह धरना चर्चा का विषय बना रहा।
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इस दौरान भूपेंद्र ने कहा कि परिषद छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही अन्य समस्याओं का मुद्दा लगातार उठाती रहती है। आठ सितंबर को भी ज्ञापन दिया गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
छात्रा के साथ हुई घटना दुर्भाग्य पूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
ये हैं परिषद की मांग
- घटनाओं के बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया जाए।
- लाठीचार्ज की घटनाओं पर न्यायिक जांच आयोग गठित कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- बीएचयू में घटनाओं को रोक पाने में असफल चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
- महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए। परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।
अधिवक्ताओं ने की लाठीचार्ज की निंदा
बीएचयू में दिनभर मची रही अफरा तफरी
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस की अध्यक्षता में सोमवार को अध्यक्ष चैंबर में हुई बैठक में बीएचयू में आंदोलनरत छात्राओं और समाचार कवरेज करने गए पत्रकारों एवं फोटोग्राफरों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई।
घटना को नियंत्रित करने में असफल रहने का आरोप बीएचयू प्रसासन के साथ जिला एवं पुलिस प्रशासन पर लगाया। घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई और पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच किसी हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज से करने की मांग की गई।
उधर विधिक पत्रकार एसोसिएशन ने घटना को शांतिपूर्ण तरीके से कवरेज कर रहे पत्रकारों और फोटोग्राफरों पर लाठी चार्ज के आरोपी पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई।
साथ ही उचित इलाज एवं मुआवजे की भी मांग उठाई गई। राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की गई और कुलपति के गैर जिम्मेदाराना कृत्य की निंदा गई।
घटना को नियंत्रित करने में असफल रहने का आरोप बीएचयू प्रसासन के साथ जिला एवं पुलिस प्रशासन पर लगाया। घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई और पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच किसी हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज से करने की मांग की गई।
उधर विधिक पत्रकार एसोसिएशन ने घटना को शांतिपूर्ण तरीके से कवरेज कर रहे पत्रकारों और फोटोग्राफरों पर लाठी चार्ज के आरोपी पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई।
साथ ही उचित इलाज एवं मुआवजे की भी मांग उठाई गई। राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की गई और कुलपति के गैर जिम्मेदाराना कृत्य की निंदा गई।