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वाराणसी: गंगा के उल्टे प्रवाह से बन रहा जानलेवा भंवर, नहर भी समा गई, बीएचयू के प्रोफेसर ने शेयर किया वीडियो

Tue, 03 Aug 2021 10:25 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 03 Aug 2021 10:25 AM IST
सार

वाराणसी में गंगा पार बाढ़ से बचने के लिए एक रेत की नहर बनाई गई थी। जो गंगा में समाहित हो गई है। जहां गंगा के उल्टे प्रवाह के कारण एक भंवर बनने लगा है। इसका वीडियो आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्र ने शेयर किया है।

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BHU professor shared video deadly vortex being created by ganga reverse flow in varanasi
गंगा में बन रहा भंवर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बनारस को बाढ़ से बचाने के लिए गंगा पार रेती में बनाई गई नहर अब पूरी तरह से गंगा में समा चुकी है। घाटों के समानांतर नहर अब मौत का कुआं बन गई है। गंगा के उल्टे प्रवाह के कारण नहर वाले स्थान पर भंवर बनने लगा है, जो बेहद खतरनाक है। नदी विज्ञानी आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर और संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने इसका वीडियो शेयर करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है।

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सोमवार को वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि नए वैज्ञानिकों द्वारा रेत में बनाई नहर, बनी मौत का कुआं। उल्टे गंगा प्रवाह से प्राण घातक भंवर बन रहा है। कोई अध्ययन नहीं बस बना दिया गया नहर। गंगा घाट के समानांतर 5.3 किलोमीटर लंबी नहर तैयार की गई थी। 1195 लाख रुपये की लागत से तैयार नहर तैयार करते समय अधिकारियों ने यह दावा किया था कि नहर के बनने से गंगा घाटों पर दबाव कम हो जाएगा।
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बीएचयू के नदी विज्ञानियों ने कहा था कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही नहर पूरी तरह से डूब जाएगी। नदी विज्ञानियों ने जो कहा था वह सही साबित हुआ लेकिन अब यह नहर खतरनाक बन चुकी है। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने वीडियो में कहा है कि नहर डूबने के कारण वहां पर भंवर बन रही है जो बेहद खतरनाक है।

BHU professor shared video deadly vortex being created by ganga reverse flow in varanasi
गंगा में समा रही नहर। - फोटो : अमर उजाला

नौका संचालन के दौरान यह हादसे का कारण बन सकती है। प्रो. मिश्र ने कहा कि नदी वैज्ञानिकों की राय को दरकिनार करते हुए 11 करोड़ रुपये से ज्यादा पानी में बहा दिया गया। रेत से बनी नहर में रेत जानी शुरू हो गई है। प्रो. मिश्र ने छह जून को कहा था कि नहर निर्माण से नदी के पश्चिम में सिल्ट का जमाव होगा और नहर बाढ़ में समाहित हो जाएगी।

किस वजह से बनाई नहर, आज तक नहीं समझ आया
नदी वैज्ञानिक प्रो. यूके चौधरी ने भी गंगा में नहर बनाने पर सवाल उठाए थे लेकिन किसी ने उनकी बातों को नहीं सुना। प्रो. चौधरी ने कहा कि किस वजह से नहर बनाई जा रही है यह आज तक किसी को समझ में नहीं आया। बिना किसी सर्वे और अध्ययन के नहर बनाने का नतीजा आज सभी के सामने है।  नहर से गंगा का फ्लोर डायनेमिक्स प्रभावित हुआ है और इसके चलते वाराणसी में गंगा का अर्द्धचंद्राकार स्वरूप भी प्रभावित होगा। गंगा के डाउन स्ट्रीम में कटान बढ़ेगा और घाटों पर खतरा बढ़ जाएगा।

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