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बीएचयू की वेबसाइट पर तीन हजार से अधिक पाठ्य सामग्री अपलोड
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वाराणसी। लॉक डाउन की वजह से बाधित पठन-पाठन को ठीक करने के लिए बीएचयू में छात्र छात्राओं के लिए विभागवार ई कंटेंट तैयार कराए गए हैं। जिससे उन्हें घर पर रहकर पढ़ाई करने में आसानी हो। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अब तक ऐसी 3000 से अधिक पाठ्य सामग्री अपलोड कराई जा चुकी है, जिसमें शिक्षकों के ऑडियो-वीडियो, लेक्चर नोट और कोर्स से जुड़े थे।
विश्वविद्यालय में मॉडल ई लर्निगिं प्लेटफॉर्म को भी लागू किया जा चुका है। जिस पर कि एक दूसरे से शिक्षण सामग्री साझा करना, पढ़ना-पढ़ाना और आसान हो गया है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि लॉक डाउन खुलने के बाद सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार छात्रों के कोर्स को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। उसके बाद सेमेस्टर परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को पहले कराने की प्राथमिकता होगी जिससे छात्र छात्रों को समय से डिग्री मिल सके और आगे आवेदन में कोई परेशानी ना हो। इसके बाद सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने के लिए सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जाएंगी। अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित करने को प्राथमिकता दी जा सकती है। साथ ही मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों को अगले सेमेस्टर में अस्थायी प्रमोशन देते हुए उनके परीक्षा परिणामों को घोषित पर भी विचार किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छह के बजाय सात दिन कक्षाएं चलाने के विकल्प भी है। जिन पर विचार किया जा सकता है। यह उस पर निर्भर करेगा कि लॉकडाउन कितने दिनों तक चलता रहता है।
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उन्होंने बताया कि छात्रों में तनाव, मानसिक स्वास्थ्य को दूर करने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों की एक समिति भी बनाई गई है। समिति छात्रों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें चिंता या तनाव से बचने के लिए प्रेरित कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर हॉस्टल वार्डन या संकाय सदस्यों की अध्यक्षता वाले कोविड-19 स्टूडेंट हेल्प ग्रुप बनाने में मदद की जाएगी।
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विश्वविद्यालय में मॉडल ई लर्निगिं प्लेटफॉर्म को भी लागू किया जा चुका है। जिस पर कि एक दूसरे से शिक्षण सामग्री साझा करना, पढ़ना-पढ़ाना और आसान हो गया है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि लॉक डाउन खुलने के बाद सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार छात्रों के कोर्स को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। उसके बाद सेमेस्टर परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को पहले कराने की प्राथमिकता होगी जिससे छात्र छात्रों को समय से डिग्री मिल सके और आगे आवेदन में कोई परेशानी ना हो। इसके बाद सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने के लिए सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जाएंगी। अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित करने को प्राथमिकता दी जा सकती है। साथ ही मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों को अगले सेमेस्टर में अस्थायी प्रमोशन देते हुए उनके परीक्षा परिणामों को घोषित पर भी विचार किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छह के बजाय सात दिन कक्षाएं चलाने के विकल्प भी है। जिन पर विचार किया जा सकता है। यह उस पर निर्भर करेगा कि लॉकडाउन कितने दिनों तक चलता रहता है।
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उन्होंने बताया कि छात्रों में तनाव, मानसिक स्वास्थ्य को दूर करने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों की एक समिति भी बनाई गई है। समिति छात्रों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें चिंता या तनाव से बचने के लिए प्रेरित कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर हॉस्टल वार्डन या संकाय सदस्यों की अध्यक्षता वाले कोविड-19 स्टूडेंट हेल्प ग्रुप बनाने में मदद की जाएगी।