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बीएचयू में धरना दे रहे नर्सिंग छात्र-छात्राओं की पिटाई, चीफ प्रॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप

Fri, 30 Nov 2018 11:55 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 30 Nov 2018 11:55 AM IST
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बीएचयू में धरना दे रहे नर्सिंग छात्र-छात्राओं की पिटाई, चीफ प्रॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप
धरना देती छात्राएं - फोटो : amar ujala

बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की मान्यता न होने के विरोध में गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने नर्सिगिं कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया। आरोप है कि इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्र-छात्राओं की पिटाई भी की।

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छात्राओं के मुताबिक इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भी उनके साथ बदसलूकी की। उधर, शाम 6 बजे बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कुलसचिव की ओर से दिया गया पत्र लेकर पहुंचे तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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विश्वविद्यालय में 2015 से 2017 तक के बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता नहीं हैं। इस संबंध में 260 छात्र-छात्रा अब तक कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भी लिख चुके हैं, उन्हें कार्रवाई का आश्वासन भी मिला लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब जबकि उनका पाठयक्रम पूरा होने वाला है और डिग्री मिलनी है, ऐसे में भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।
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सुबह करीब 9 बजे नर्सिगिं कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर 200 से अधिक छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए। इस दौरान महिला महाविद्यालय से नर्सिगिं कॉलेज वाला रास्ते पर आवागमन ठप रहा। इधर सूचना पाकर सुरक्षाकर्मियों संग पहुंची चीफ प्रॉक्टर ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा।

आरोप है कि अभी बातचीत चल ही रही थी कि चीफ प्रॉक्टर ने एक छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया। उनके साथ आए सुरक्षा कर्मियों ने भी छात्र-छात्राओं का हाथ पकड़कर खींचा और बदसलूकी की। इस दौरान धरना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

पिटाई करना कहां का न्याय है

बीएचयू में धरना दे रहे नर्सिंग छात्र-छात्राओं की पिटाई, चीफ प्रॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप
नर्सिंग छात्राएं - फोटो : amar ujala
छात्र-छात्राओं ने बताया कि एक महीना पहले कुलपति, आईएमएस डायरेक्टर सभी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 28 नवंबर को ही धरना-प्रदर्शन की सूचना दे दी गई थी, ऐसे में मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय पिटाई करना कहां का न्याय है।

इसकी शिकायत डीएम, राज्य महिला आयोग सहित अन्य जगहों पर करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि छात्र-छात्राओं की न तो पिटाई की गई है और न ही किसी सुरक्षाकर्मी ने बदसलूकी की। विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षा चल रही है, ऐसे में रास्ता जाम कर रहे छात्रों को हटने को कहा गया, जब नहीं हटे तो शांतिपूर्वक हटाया गया। 
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