BHU: राष्ट्रीय सम्मेलन ‘प्रबोध’ का समापन, कर कानूनों और MSME अवसरों पर मंथन; प्रमुख पहलुओं पर चर्चा
Varanasi News: दो दिवसीय सम्मेलन में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी रही। इस दाैरान एमएसएमई से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
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Varanasi News: दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की वाराणसी शाखा के ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “प्रबोध” का समापन बृहस्पतिवार को बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन में हुआ।
इस सम्मेलन का उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बदलते कर कानूनों, तकनीक आधारित अनुपालन और उभरते व्यावसायिक अवसरों के प्रति सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञों ने आयकर, जीएसटी और एमएसएमई से जुड़े अहम विषयों पर विचार साझा किए।
सम्मेलन के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. सीए कपिल गोयल ने आईटीएटी कार्यवाही के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आयकर विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले विभिन्न कारण बताओ नोटिसों की प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में नोटिस जारी होते हैं और यदि किसी कारणवश गलत नोटिस प्राप्त हो जाए तो एक पेशेवर के रूप में उसका उत्तर देते समय किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।
इसके पश्चात आयोजित पैनल डिस्कशन में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मर्चेंट बैंकर, सिडबी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने एमएसएमई को मिलने वाले प्रोत्साहनों और स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि किस प्रकार छोटे और मध्यम उद्यम पूंजी बाजार से जुड़कर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।
गहनता से हुआ विचार-विमर्श
दिल्ली से आए वक्ता सीए गौरव गुप्ता ने जीएसटी अपील न्यायाधिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने प्रभावी ड्राफ्टिंग और प्रतिनिधित्व पर जोर देते हुए बताया कि अब जीएसटीएटी पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग की व्यवस्था है।
सम्मेलन में सीए विनोद गुप्ता ने आयकर में आय छिपाने से जुड़े मामलों में तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनकम एस्केपिंग असेसमेंट के लिए आयकर विभाग को यह प्रमाणित करना होता है कि आय छिपाई गई है या उस पर कर अदा नहीं किया गया है, और इस प्रक्रिया में करदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है।
कार्यक्रम में मंच संयोजक की भूमिका सीए गंगेश्वर धर दुबे ने निभाई, जबकि संचालन सीए दिव्या ग्वाल, सीए शिवांगी जायसवाल, सीए दिव्या गुलाटी, सीए चहक बहल, सीए पूनम अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने किया।
समापन समारोह में वाराणसी शाखा के अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों ने विभिन्न सम्मेलन समितियों के सदस्यों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में आईसीएआई वाराणसी शाखा के सचिव सीए विकास द्विवेदी, उपाध्यक्ष वैभव मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष रंजीत पांडे सहित कई लोग शामिल रहे।