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BHU Hospital: बीएचयू अस्पताल में गाड़ियों के बीच फंसा स्ट्रेचर, दर्द से तड़पता रहा मासूम;फिर लिया गया ये फैसला

Tue, 12 Dec 2023 04:27 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 12 Dec 2023 04:27 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल के गेट से प्रवेश करने के बाद उमंग फार्मेसी के ठीक सामने बाल रोग विभाग है। इसमें नवजात बच्चों से लेकर किशोरों तक की ओपीडी चलती है। बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग में सोमवार को एक बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड में जाने के दौरान परिजन गाड़ियों के बीच फंस गए। स्ट्रेचर को आगे पीछे करने के बाद वह निकल नहीं पा रहा था।

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BHU Hospital: Stretcher stuck between vehicles in BHU Hospital, innocent child kept in pain
BHU Hospital: बीएचयू अस्पताल में गाड़ियों के बीच फंसी स्ट्रेचर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग में सोमवार को एक बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड में जाने के दौरान परिजन गाड़ियों के बीच फंस गए। स्ट्रेचर को आगे पीछे करने के बाद वह निकल नहीं पा रहा था। ऐसे में दर्द से कराहते बच्चे को लेकर परिजन परेशान हो गए। इसी बीच वहां मौजूद एक युवक ने गाड़ियों को हटाया तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली।

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यहां इस तरह का दृश्य हर दिन देखने को मिल जाएगा। क्योंकि विभाग परिसर में उसी रास्ते पर मोटरसाइकल स्टैंड बनाया गया है, जहां बच्चों को लेकर तीमारदारों के बैठकर इंतजार करने की जगह बनाई गई है। इस कारण जैसे तैसे गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं। अस्पताल के गेट से प्रवेश करने के बाद उमंग फार्मेसी के ठीक सामने बाल रोग विभाग है। इसमें नवजात बच्चों से लेकर किशोरों तक की ओपीडी चलती है। ओपीडी तक पहुंचने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां पैदल तो लोग किसी तरह बच्चों को गोद में लेकर पहुंच भी जाते हैं लेकिन वार्ड में बच्चों को स्ट्रेचर पर लेकर भर्ती कराने जाने या फिर वार्ड से बाहर जांच कराने जाना मुश्किल हो जाता है।
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कमाई के फेर में भूल जाते हैं मासूमों का दर्द
स्टैंड पर तैनात व्यक्ति भी कमाई के फेर में मासूमों का दर्द भूल जाते हैं। विभाग परिसर में जहां भी जगह मिलती है, वहीं गाड़ियां खड़ी करवा दिया जा रहा है। सोमवार को भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। यहां गाड़ियां ऐसे बेतरतीब खड़ी करवाई गई थी कि पांच साल के बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर जाते समय स्ट्रेचर फंस गया।
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एमआरआई, एक्सरे जांच के लिए बाहर जाते हैं बच्चे
बाल रोग विभाग में सामान्य वार्ड से लेकर पीआईसीयू में भर्ती बच्चों को कभी-कभी एमआरआई, एक्सरे आदि जांच के लिए बाहर लेकर जाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी उस समय होती है जब किसी गंभीर बच्चों को जल्द से जल्द जांच केंद्र तक ले जाना होता है। इस समय परिजनों की सांस अटक जाती है।

डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ भी झेलते हैं परेशानी
विभाग परिसर में मोटर साइकिल स्टैंड बनने के कारण यहां बच्चों के जांच, इलाज में तैनात डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की गाड़ियां भी नहीं खड़ी हो पाती हैं। यहीं नहीं उन्हें अंदर जाने में भी परेशानी झेलनी पड़ती है।


बाल रोग विभाग के दूसरी ओर से रैंप बना है, जिससे बच्चों को स्ट्रेचर से वार्ड में ले जाया जाता है। विभाग के परिसर में किसी तरह का स्टैंड नहीं चलाया जा सकता है। इसको हटवाया जाएगा। - डॉ. अंकुर सिंह, डिप्टी एमएस, बीएचयू अस्पताल

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