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बीएचयू: पेसमेकर की नई तकनीक से हृदय रोगियों को मिलेगी राहत, पूर्वांचल में पहली बार उपयोग हुई यह टेक्नोलॉजी
Tue, 05 Apr 2022 03:24 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Tue, 05 Apr 2022 03:24 PM IST
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पेसमेकर की नई तकनीक से हृदय रोगी का उपचार करने वाली टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के हृदय रोग विभाग में कंडक्शन सिस्टम पेसमेकर तकनीक से 65 साल के मरीज का उपचार किया गया है। बीएचयू हृदय रोग विभाग के डॉ. विकास अग्रवाल और उनकी टीम ने मरीज को नई विधि का पेसमेकर भी लगाया गया। मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और हृदय गति भी सामान्य है।
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मरीज का इलाज करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. विकास अग्रवाल ने बताया कि हृदय रोग के किसी भी मरीज को पेसमेकर की जरूरत तब होती है जब हार्ट के ऊपरी चेंबर से बिजली निचले हिस्से तक नहीं पहुंचती है। पेसमेकर लगाने की तकनीक बहुत पुरानी है।
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लगभग 30 साल से ज्यादा समय से पेसमेकर लग रहा है। लोगों को पहले एक ही चेंबर का पेसमेकर लगता था। तकनीक और बढ़ी तो दो चेंबर का पेसमेकर आया। जिसमें एक तार अपर चेंबर में और एक तार लोवर चेंबर में लगा देते हैं। इससे फायदा यह होता है कि अपर और लोअर चेंबर की सिंक्रोनाइजेशन बनी रहती है। इससे जिस समय जिसको पम्प करना चाहिये वो हिस्सा चलता है।
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