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BHU: रात में जूनियर रेजिडेंट के भरोसे बीएचयू की इमरजेंसी, IMS निदेशक के औचक निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
Sun, 14 Jul 2024 09:52 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 14 Jul 2024 09:52 AM IST
सार
आईएमएस बीएचयू के निदेशक के औचक निरीक्षण में इमरजेंसी में गड़बड़ी सामने आई। रात में इमरजेंसी में कोई सीनियर रेजिडेंट ही नहीं मिला। यहां केवल जूनियर रेजिडेंट ही मिले। ऐसे में अब नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
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IMS BHU
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। दिन में तो जैसे-तैसे मरीज इलाज करवा ले रहे हैं, लेकिन रात में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। रात में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार के शुक्रवार की रात औचक निरीक्षण में कुछ ऐसी ही गड़बड़ी मिली है। इमरजेंसी में कोई सीनियर रेजिडेंट ही नहीं मिला। यहां केवल जूनियर रेजिडेंट ही मिले। अब संबंधित विभाग के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की तैयारी है।
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बीएचयू अस्पताल में करीब 120 बेड वाली इमरजेंसी में वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से हर दिन करीब 250 मरीज आते हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। ज्यादातर मरीज गंभीर बीमारी वाले आते हैं। दिन में तो किसी तरह मरीजों की देखभाल हो जा रही है लेकिन रात में इलाज कराना बहुत कठिन है।
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आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार शुक्रवार की रात करीब 10 बजे इमरजेंसी पहुंचे। यहां उन्होंने पहले पंजीकरण काउंटर पर मरीजों के पंजीकरण की व्यवस्था देखी। इसके बाद भर्ती मरीजों के इलाज और जांच की जानकारी ली।
जब सीनियर रेजिडेंट के बारे में पूछा तो पता चला कि इमरजेंसी में कोई सीनियर ही नहीं है। जबकि इमरजेंसी में सर्जरी, बाल रोग विभाग के साथ ही मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट की तैनाती होती है।
निदेशक आईएमएस प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में रात में सीनियर रेजिडेंट नहीं मिले। डयूटी से गायब रहने वाले सीनियर रेजिडेंट के विभागाध्यक्षों से जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही इमरजेंसी में मरीजों का बेहतर इलाज हो, इसको भी सुनिश्चित किया जाएगा।
जब सीनियर रेजिडेंट के बारे में पूछा तो पता चला कि इमरजेंसी में कोई सीनियर ही नहीं है। जबकि इमरजेंसी में सर्जरी, बाल रोग विभाग के साथ ही मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट की तैनाती होती है।
निदेशक आईएमएस प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में रात में सीनियर रेजिडेंट नहीं मिले। डयूटी से गायब रहने वाले सीनियर रेजिडेंट के विभागाध्यक्षों से जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही इमरजेंसी में मरीजों का बेहतर इलाज हो, इसको भी सुनिश्चित किया जाएगा।