फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU hospital doctor shows inhuman behaviour women patient crying at his door

BHU अस्पतालः परिजन लगाते रहे गुहार मगर डॉक्टर की चौखट पर छह घंटे तड़पती रह गई महिला

Thu, 24 May 2018 03:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 24 May 2018 03:55 PM IST
विज्ञापन
BHU hospital doctor shows inhuman behaviour women patient crying at his door
संवेदनहीन व्यवस्था ने नहीं सुनी पीड़ित महिला की चीख-पुकार
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में जहां एक तरफ मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। सुविधाओं और सहूलियतों के तमाम दावे किए जा रहे हैं, वहीं हकीकत की तस्वीर चौंकाने वाली है।
विज्ञापन


आयुर्वेद संकाय के स्त्री रोग विभाग में इलाज के लिए आई एक महिला बुधवार को लेबर रूम के सामने दर्द से तड़पती रही। ब्लीडिंग से हालत बिगड़ती जा रही थी। घरवाले दवा-इलाज के लिए डॉक्टर से गुहार लगा रहे थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


जांच के नाम पर इतना परेशान कर दिया गया कि महिला की जान पर बन आई। आखिरकार परिवारीजनों को कुछ नहीं सूझा तो उसे लेकर निजी अस्पताल भागे। अस्पताल के आयुर्वेद संकाय के स्त्री रोग विभाग के आपरेशन थिएटर के गेट पर यह वाकया दोपहर करीब तीन बजे का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्लीडिंग होने से महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। परिवारीजन परेशान थे। महिला की चीख-पुकार सुनकर तमाम इलाज कराने आए मरीजों-तीमारदारों की भीड़ जुट गई लेकिन परिवारीजनों की गुहार के बावजूद महिला को राहत के लिए दवा-इलाज मयस्सर नहीं हो पाया।

परिवारीजनों ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से ही आए हैं। एक महिला डॉक्टर का नाम लेकर बताया कि उन्होंने पहले दो-तीन जांच कराने को कहा। 

बाहर जांच कराने से मना किया तो डॉक्टर हो गईं नाराज

BHU hospital doctor shows inhuman behaviour women patient crying at his door
बीएचयू में ही ये जांच कराने के बाद जब वे रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के पास गए तो उन्हें लंका के एक पैथालॉजी का पता बताकर वहां से जांच कराकर आने को कहा गया। इस पर जब उन्होंने आपत्ति जताई तो डॉक्टर नाराज हो गईं।

सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक बैठाए रखने के बाद बिना इलाज किए महिला को सरसुंदर लाल अस्पताल की स्त्री रोग विभाग में रेफर कर दिया। वहां जाकर नए सिरे से इलाज के लिए कतार में जुटने की परिवारीजन सोच पाते कि महिला की हालत और बिगड़ती गई।

घबराए परिजन तत्काल इलाज के लिए उसे लेकर निजी अस्पताल भागे। यह महिला शहर के ही माधोपुर क्षेत्र से इलाज के लिए यहां आई थी।

आयुर्वेद संकाय की प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है। हालांकि किसी भी मरीज या उसके परिजनों की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है। यदि शिकायत आती है तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed