{"_id":"66ecf622d76ffcad4e07303b","slug":"bhu-hospital-500-nursing-officers-permanent-appointment-pending-2024-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"BHU Hospital: बीएचयू में 500 नर्सिंग अफसरों का स्थायीकरण लटका, दो साल से अधिक समय से कर रहे इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BHU Hospital: बीएचयू में 500 नर्सिंग अफसरों का स्थायीकरण लटका, दो साल से अधिक समय से कर रहे इंतजार
Fri, 20 Sep 2024 09:42 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 20 Sep 2024 09:42 AM IST
सार
बीएचयू में 500 से अधिक नर्सिंग अफसरों को स्थायीकरण का इंतजार दो साल से भी अधिक समय से है। आईएमएस निदेशक के सामने नर्सिंग अफसरों ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने ड्यूटी लगाने में लापरवाही और मेमो देने की भी शिकायत की।
विज्ञापन
BHU
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में सेवा देने वाले 500 से अधिक नर्सिंग अफसर दो साल से अधिक समय से अपने स्थायीकरण का इंतजार कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर काटने के बाद भी उनकी आस अधूरी है। गुरुवार को आईएमएस निदेशक कार्यालय पहुंचकर नर्सिंग अफसरों ने निदेशक के सामने अपने स्थायीकरण का मुद्दा उठाया।
विज्ञापन
साथ ही वार्ड, सीसीयू, आईसीयू सहित अन्य जगहों पर डयूटी लगाने में लापरवाही और खाना खाने, टॉयलेट जाने पर मेमो दिए जाने की शिकायत भी की। इस पर निदेशक ने नियमानुसार समस्याओं के समाधान का आश्वासन और बेवजह किसी तरह का उत्पीड़न न होने का भरोसा भी दिलाया। स्थायीकरण की समस्या एक दो नहीं बल्कि 500 से अधिक नर्सिंग अफसरों की है। इसमें अधिकांश 2021 से सेवा दे रहे हैं और एक साल पर उनका स्थायीकरण हो जाना चाहिए था लेकिन अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाने के बाद भी अब तक स्थायी नहीं हो सके।
विज्ञापन
निदेशक से मुलाकात कर नर्सिंग अफसरों ने स्थायीकरण न होने से जुड़ी समस्या विस्तार से बताई। साथ ही कहा कि जिस तरह खेम सिंह सैनी की ड्यूटी सीसीयू में 17 बेड पर अकेले लगाई गई थी, इसी तरह की समस्या अन्य नर्सिंग अफसरों के साथ भी है। ड्यूटी के दौरान खाना खाने, टॉयलेट जाने पर भी नोटिस दिया जाता है।
विज्ञापन
निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि नर्सिंग अफसरों के स्थायीकरण सहित अन्य समस्याओं का नियमानुसार समाधान करवाया जाएगा। खेम सिंह सैनी की मौत के मामले में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।