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BHU: दो राष्ट्रपति, दो उप राष्ट्रपति... नोबेल विजेता और छह भारत रत्नों से काशी हिंदू विश्वविद्यालय का है नाता
Wed, 14 Feb 2024 11:08 AM IST
शाहरुख खान
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Feb 2024 11:08 AM IST
सार
दो राष्ट्रपति, दो उप राष्ट्रपति, नोबेल विजेता और छह भारत रत्नों से काशी हिंदू विश्वविद्यालय का नाता रहा है। देश के चौथे उप प्रधानमंत्री को महामना मालवीय ने पढ़ने के लिए बीएचयू बुलाया था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े इस आवासीय काशी हिंदू विश्वविद्यालय का गौरवशाली अतीत रहा है। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की इस धरोहर का देश के दो राष्ट्रपति, दो उप राष्ट्रपति, एक उप प्रधानमंत्री, छह भारत रत्न और एक नोबेल विजेता से नाता रहा है।
देश की संसद और विधानसभाओं से लेकर हर क्षेत्र में बीएचयू के छात्रों और शिक्षकों का दबदबा आज भी बरकरार है। वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार विजेता और 1954 में भारत रत्न से सम्मानित सीवी रमन बीएचयू के स्थायी विजिटिंग प्रोफेसर रहे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय का इतिहास भाग-1 पुस्तक के अनुसार सीवी रमन दुनिया में जहां भी जाते थे, वहां भारत का परिचय बनारस से कराते थे। उन्होंने बीएचयू के स्थापना दिवस पर कहा था कि यह विश्वविद्यालय धर्मशास्त्र और आधुनिक विज्ञान का प्रतीक है। वर्ष 1921 में वह बीएचयू के प्रतिनिधि के रूप में ऑक्सफोर्ड भी गए।
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देश के पहले उप राष्ट्रपति, दूसरे राष्ट्रपति और 1954 में भारत रत्न से अलंकृत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1939 से 1948 तक बीएचयू के कुलपति रहे। देश के 11वें राष्ट्रपति और 1997 में भारत रत्न से सम्मानित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बीएचयू के विजिटिंग प्रोफेसर रहे।
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देश की संसद और विधानसभाओं से लेकर हर क्षेत्र में बीएचयू के छात्रों और शिक्षकों का दबदबा आज भी बरकरार है। वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार विजेता और 1954 में भारत रत्न से सम्मानित सीवी रमन बीएचयू के स्थायी विजिटिंग प्रोफेसर रहे।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय का इतिहास भाग-1 पुस्तक के अनुसार सीवी रमन दुनिया में जहां भी जाते थे, वहां भारत का परिचय बनारस से कराते थे। उन्होंने बीएचयू के स्थापना दिवस पर कहा था कि यह विश्वविद्यालय धर्मशास्त्र और आधुनिक विज्ञान का प्रतीक है। वर्ष 1921 में वह बीएचयू के प्रतिनिधि के रूप में ऑक्सफोर्ड भी गए।
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देश के पहले उप राष्ट्रपति, दूसरे राष्ट्रपति और 1954 में भारत रत्न से अलंकृत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1939 से 1948 तक बीएचयू के कुलपति रहे। देश के 11वें राष्ट्रपति और 1997 में भारत रत्न से सम्मानित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बीएचयू के विजिटिंग प्रोफेसर रहे।
वैज्ञानिक चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव ने बीएचयू से एमएससी की पढ़ाई की थी। वर्ष 2014 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और यहां लगभग 20 वर्ष तक कुलपति के तौर पर सेवा देने वाले महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को वर्ष 2014 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
विश्वविख्यात गीतकार, संगीतकार और गायक डॉ. भूपेन हजारिका ने बीएचयू से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की थी। उन्हें वर्ष 1992 में दादा साहेब फाल्के और 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। देश के चौथे उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम ने बीएचयू से विज्ञान में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी।
एक कार्यक्रम में जगजीवन राम के स्वागत भाषण से प्रभावित होकर उन्हें महामना मालवीय ने बीएचयू में पढ़ने के लिए बुलाया था। देश के 10वें उप राष्ट्रपति कृष्ण कांत ने आईटी, बीएचयू (अब आईआईटी बीएचयू) से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं बीएचयू के छात्र
वर्ष 1959 से 1960 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे बीपी कोइराला ने बीएचयू से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की थी। छात्र जीवन के दौरान वर्ष 1934 में वह भारतीय स्वाधीनता संग्राम से जुड़े। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें दो वर्ष तक धनबाद में नजरबंद कर रखा था।
वर्ष 1959 से 1960 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे बीपी कोइराला ने बीएचयू से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की थी। छात्र जीवन के दौरान वर्ष 1934 में वह भारतीय स्वाधीनता संग्राम से जुड़े। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें दो वर्ष तक धनबाद में नजरबंद कर रखा था।
राज्यसभा के उप सभापति और जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल हैं पूर्व छात्र
संसद के दोनों सदनों और अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में बीएचयू के छात्रों का एक अलग दबदबा रहा है। यह सिलसिला अब भी बरकरार है। मौजूदा समय में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह और जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा बीएचयू के पूर्व छात्र हैं। इसी तरह से लोकसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और सांसद मनोज तिवारी हैं, तो राज्यसभा में राधा मोहन दास अग्रवाल सांसद हैं।
संसद के दोनों सदनों और अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में बीएचयू के छात्रों का एक अलग दबदबा रहा है। यह सिलसिला अब भी बरकरार है। मौजूदा समय में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह और जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा बीएचयू के पूर्व छात्र हैं। इसी तरह से लोकसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और सांसद मनोज तिवारी हैं, तो राज्यसभा में राधा मोहन दास अग्रवाल सांसद हैं।