फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU girls and students protest each other for last year lathi charge

बीएचयू में फिर बवालः बीते वर्ष हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रही छात्राओं और छात्रों में झड़प

Mon, 24 Sep 2018 11:58 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 24 Sep 2018 11:58 AM IST
विज्ञापन
BHU girls and students protest each other for last year lathi charge
महिला महाविद्यालय के गेट पर मची अफरा तफरी - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू परिसर का माहौल  रविवार शाम एक बार फिर गरमा गया। यहां पिछले साल 23 सितंबर को हुए लाठीचार्ज के विरोध में सभा कर रहे कुछ छात्र-छात्राओं और कुछ छात्रों के बीच हाथापाई, जमकर मारपीट भी हुई। इस वजह से रविवार शाम को करीब एक घंटे तक एमएमवी चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। घटना में कुछ छात्राओं को हल्की चोट भी आई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बीच बचाव कर मामला शांत कराया। 
विज्ञापन


विश्वविद्यालय में पिछले साल एक छात्रा के साथ छेड़खानी के बाद धरना और फिर 23 सितंबर की रात एमएमवी चौराहे पर लाठीचार्ज में कई छात्राएं घायल हुई थी। रविवार को उस घटना के एक साल पूरा होने के बाद कुछ छात्राएं पहले शाम को चार बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के सामने नुक्कड़ नाटक कर कार्रवाई न होने का विरोध कर रही थी।
विज्ञापन


इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए हमे चाहिए आजादी, बीएचयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ठीक इसी समय छात्रों के एक दूसरे गुट ने इसका विरोध यह कहकर शुरू कर दिया कि इसमें बाहरी विश्वविद्यालयों के  छात्र भी शामिल हैं। इस दौरान वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसको लेकर वहां दोनों गुटों में नोंकझोंक हुई। यहां से नुक्कड़ नाटक के बाद एमएमवी गेट पर ओपेन माइक कार्यक्रम रखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


 छात्र-छात्राओं की टीम यहां इस कार्यक्रम के लिए पहुंची और गेट के सामने बैठकर पिछले साल की घटना पर कविता पाठ, गाने आदि के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। यहां भी छात्र पहुंचे और उन्होंने बाहरी छात्रों को बुलाकर यह कार्यक्रम कराने का आरोप लगाते हुए आमने-सामने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों तरफ से नोंकझोंक शुरू हुआ। अभी यह सब चल ही रहा था कि हाथापाई और फिर मारपीट तक मामला पहुंच गया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई।

सुबह से शाम और फिर रात तक धरना-प्रदर्शन व बवाल

BHU girls and students protest each other for last year lathi charge
बीएचयू प्रसासन ने बंद किया महिला महाविद्यालय का गेट - फोटो : अमर उजाला

महामना की बगिया बीएचयू रविवार को एक बार फिर सुलग उठी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुबह से शाम और फिर रात तक धरना-प्रदर्शन व बवाल चलता रहा। शाम को चार बजे एमएमवी पर शुरू हुआ हंगामा करीब छह बजे तक नोकझोंक व मारपीट में बदल गया। वहीं बीएचयू प्रशासन इसको रोकने में पूरी तरह एक बार फिर से विफल साबित हुआ।

प्राक्टोरियल बोर्ड को छोड़कर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बस बंद कमरों में बैठक पर बैठक होती रही। वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं का दो गुट आपस में भिड़ता रहा। बता दें कि बीत वर्ष  21 सितंबर को दृश्य कला संकाय की एक छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में छात्राओं ने उसी रात त्रिवेणी संकुल के बाहर प्रदर्शन किया।

इसके बाद 22 सितंबर को सुबह छह बजे ही लंका गेट पर धरने पर सैकड़ों छात्राएं धरने पर बैठ गई। उनकी मांग थी कि विश्वविद्यालय के कुलपति आकर उनकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करें। तमाम मांगों के बावजूद भी कथित सलाहकारों के कारण कुलपति धरने पर बैठी छात्राओं के बीच नहीं पहुंचे। इसके बाद धरना बढ़ते गया और धीरे-धीरे राजनीतिक रूप भी धारण कर लिया था।

हालांकि 23 की रात को धरना समाप्त हो गया और छात्राएं महिला महिला महाविद्यालय गेट पर आकर प्रदर्शन करने लगी। 23 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी दौरे पर थे। 23 सितंबर की हुई घटना के बाद कुलपति तो चले गए लेकिन आज तक इस घटना को लेकर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इस मसले को लेकर करीब एक माह तक पूरे देश में माहौल गरम रहा था। 

प्रशासन चाहता तो नहीं बढ़ता बवाल

BHU girls and students protest each other for last year lathi charge
नुक्कड़ नाटक के बाद एमएमवी पर सभा कर विरोध जता रहे थे छात्र-छात्रा - फोटो : अमर उजाला
पहले की तरह एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में असफल सा दिखा। अगर विश्वनाथ मंदिर के पास नोंकझोंक के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे शांत करा दिया गया रहता तो शायद इतना बड़ा बवाल नहीं होता। यहां जब नोंकझोंक हो रहा था तो यहां सुरक्षा कर्मी तो पर्याप्त थे लेकिन उन्होंने मामला को शांत नहीं कराया और सब देखते रहे। कुछ इसी तरह की स्थिति एमएमवी गेट के पास भी दिखी और यहां भी नोंकझोंक के दौरान कोई मामला शांत कराने नहीं आया, जब मामला मारपीट तक पहुंच गया तब जाकर मुस्तैदी दिखी। 

एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप

BHU girls and students protest each other for last year lathi charge
-पिछले साल लाठीचार्ज का विरोध करने वालों, और छात्रों में हुआ विवाद - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल हुए लाठीचार्ज का विरोध करने वालों का आरोप था कि पूरे एक साल बीत जाने के बाद भी अब तक न्याय नहीं मिल सका। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर जिला, पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और आजादी के नारे भी खूब लगाए। एमएमवी चौराहे पर मारपीट के बाद छात्राओं का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन चाहता तो ऐसा करने वालों को पहले ही रोक देता लेकिन जब सब हो गया तब आने का क्या मतलब है। उधर विरोध करने वालों के खिलाफ छात्रों के एक गुट ने नारेबाजी शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि इस कार्यक्रम में बाहरी छात्र बुलाए गए हैं और यह केवल परिसर का माहौल खराब करने की साजिश है। ऐसा नहीं होना चाहिए, इसका हर स्तर पर विरोध जारी रहेगा।

क्या कहती हैं चीफ प्रॉक्टर

BHU girls and students protest each other for last year lathi charge
पहले विश्वनाथ मंदिर परिसर के पास झड़प, फिर एमएमवी पर हुई मारपीट - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल की घटना के विरोध में होने वाले किसी भी कार्यक्रम की अनुमति चीफ प्रॉक्टर आफिस से नहीं ली गई थी। पूछने पर पता चला कि कविताएं पढ़नी हैं। एमएमवी गेट पर जो कविताएं पढ़ी गई, उसके माध्यम से दूसरे गुट को उकसाने का प्रयास किया गया। इसी से माहौल बिगड़ा। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मामला शांत करा दिया। घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।-प्रो. रोयाना सिंह, चीफ प्रॉक्टर
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed