BHU: ढाई घंटे चली ईसी की आपात बैठक, पुराने अधिकारियों को हटाने संग बड़े बदलावों पर सहमति; हुई ये चर्चा
Varanasi News: बीएचयू में ईसी की बैठक में 18 दिसंबर को रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंता पद के लिए होने वाले इंटरव्यू पर भी चर्चा चली। जानकारी मिली है कि कुलसचिव बनने की लाइन में बीएचयू के ही कई पुराने दावेदार हैं।
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बीएचयू में दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन शनिवार को कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक हुई। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में सदस्यों ने कुलपति से विश्वविद्यालय में आमूलचूल बदलाव की बात करने की बात कही। बीएचयू में रेक्टर, चीफ प्रॉक्टर, छात्र अधिष्ठाता सहित कई बड़े अधिकारियों की नई नियुक्तियों और कोर्ट के तमाम फैसलों को लेकर सहमति जताई गई।
परंपरा रही है कि नए कुलपति आने के बाद चीफ प्रॉक्टर और छात्र अधिष्ठाता इस्तीफा देते हैं लेकिन नए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के नियुक्त हुए पांच महीने के बावजूद भी पुराने अधिकारी ही अपने पदों पर तैनात हैं। अब ईसी में इन्हें बदलने की पुरजोर मांग की गई है।
इसके अलावा बीएचयू में पिछले कई साल से अटके फैसलों को मंजूरी देने पर सहमति बनी। आयुर्वेद संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर वैद्य सुशील दुबे के प्रमोशन और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को लेकर काफी देर तक चर्चा चली। पिछले कई साल से अटके प्रमोशन को तत्काल देने पर चर्चा चली और सहमति दी गई। ईसी की इस आपात बैठक में कुछ सदस्य ऑनलाइन और कुछ ऑफलाइन जुड़े।
वेबसाइट पर नहीं दिखे ईसी मिनट्स
बीएचयू की वेबसाइट पर पिछले 15 साल में हुईं ईसी बैठकों के पिछले सभी मिनट्स नहीं दिख रहे हैं, जबकि इस साल ईसी की दो बैठकें हो गईं लेकिन उनके मिनट्स अभी तक अपलोड नहीं किए गए हैं।ईसी में शामिल हुए सदस्यों ने इस तरह से आनन-फानन में ईसी बैठक कराने को लेकर नाराजगी भी जताई और कहा कि ईसी बैठक से कुछ दिन पहले सूचना दी जानी चाहिए। इससे सदस्यों की तैयारियां हो पाती हैं।
सभी सदस्यों की रही मौजूदगी
ईसी की बैठक में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, मेयर अशोक कुमार तिवारी और भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, प्रो. बेचन लाल, प्रो. यूपी शाही, प्रो. ओम प्रकाश भारतीय और प्रो. श्वेता प्रसाद सदस्य के तौर पर शामिल रहीं।