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राष्ट्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी शिक्षा नीति
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बीएचयू के अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर वक्ताओं ने विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को राष्ट्र के बहुमुखी विकास के लिए उपयोगी बताया। मुख्य अतिथि यूजीसी के चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। शिक्षक नौकरी पेशा व्यक्ति नही बल्कि नयी पीढ़ी का निर्माता है। शिक्षा में होने वाले बदलाव के अनुरूप ही योग्य शिक्षकों की आवश्यकता है।
प्रो. आरपी शुक्ला ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पालिसी लागू होने के बाद शिक्षक समुदाय को नई कार्ययोजना बनाकर नए सिरे से भूमिका का निर्वहन करना होगा। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से प्रो. नंदिता शुक्ला ने कहा कि भारत की समृद्ध गुरु परंपरा रही है और यही हमारे लिए धरोहर है। इस दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा, डॉ. हरेराम पांडेय, बीके त्रिपाठी, काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. केपी पांडेय, डॉ. अनिल कुमार तिवारी, अमरजीत सिंह, पारोमिता चौबे, अनुश्री त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, अवधेश, जयशंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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प्रो. आरपी शुक्ला ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पालिसी लागू होने के बाद शिक्षक समुदाय को नई कार्ययोजना बनाकर नए सिरे से भूमिका का निर्वहन करना होगा। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से प्रो. नंदिता शुक्ला ने कहा कि भारत की समृद्ध गुरु परंपरा रही है और यही हमारे लिए धरोहर है। इस दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा, डॉ. हरेराम पांडेय, बीके त्रिपाठी, काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. केपी पांडेय, डॉ. अनिल कुमार तिवारी, अमरजीत सिंह, पारोमिता चौबे, अनुश्री त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, अवधेश, जयशंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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