Varanasi News: BHU ने बनाई मिलिट्री बैलिस्टिक शील्ड, एक सेकंड के 10वें हिस्से में ही होगी लॉन्च; जानें खास
BHU: इस शील्ड पर लगने वाली गोलियों से निकली ऊर्जा को अवशोषित कर निष्प्रभावी करने की खासियत है। कोई भी गोली इस शील्ड को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
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बीएचयू के युवा उद्यमी ने स्वदेशी बुलेट प्रूफ शील्ड विकसित की है। इसे मिलिट्री इन्फ्लेटेबल बैलिस्टिक शील्ड कहा जाता है, जो कि शरीर की भुजाओं पर बंधी होगी। आपातकाल में यह मैनुअल या ऑटोमैटिकल भी खुल जाएगी और शरीर को कवर कर गोली-बारूद से आपकी रक्षा करने में सक्षम होगी।
अंतिम उत्पाद बनने के बाद इसका वजन आम शील्ड से 8-10 गुना हल्का होगा। वहीं, रेट भी आधे से कम होगा। अटल इंक्यूबेशन सेंटर के प्रोफेसर इन चार्ज प्रो. पीवी राजीव ने बताया कि यह बुलेट प्रूफ जैकेट है। जब भी कोई गोली आएगी, तो 1 सेकंड के 10वें हिस्से जितने समय में ही लॉन्च होकर शरीर को कवर कर लेगा। इस तकनीक में नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल किया गया है।
प्रो. राजीव ने बताया कि अटल इंक्यूबेशन सेंटर के इंक्यूबेटी स्वर्ण कुमार ने इस शील्ड का प्रोटोटाइप तैयार किया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्वर्ण को 11 लाख रुपये की मदद देगी, जिसमें से पांच लाख रुपये मिल चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप योजना के तहत बीएचयू के किसी युवा उद्यमी और स्टार्टअप को पहली बार किसी रक्षा उपकरण के लिए सरकारी फंड उपलब्ध कराया गया है।
1.5 किलोग्राम होगा शील्ड का वजन
स्टार्टअप के सीईओ स्वर्ण कुमार ने बताया कि इस शील्ड का वजन 1.5 किलोग्राम होगा। हालांकि प्रोटोटाइप में इसका वजन 4 किलोग्राम है, जो कि लैब में बना है। वहीं, सामान्य मिलिट्री शील्ड आठ से 55 किलोग्राम तक होते हैं। इसकी लागत 21 हजार रुपये होगी, जबकि आम शील्ड 55 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक होती है। इसमें इस्तेमाल किया गया कार्बन फाइबर और नायलॉन सिस्का इसे सस्ता और हल्का बनाने के साथ-साथ काफी कारगर भी बनाता है।