बीएचयू: काजल से पानी में मिलने वाले लेड आयन का पता लगाना अब आसान, जेआरएफ छात्रा का शोध; जानें खास
बीएचयू की जेआरएफ छात्रा ने काजल की मदद से पानी में मौजूद लेड आयन की पहचान का आसान तरीका विकसित किया है। शोध में हैदराबाद और सिक्किम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भी शामिल रहे। इस तकनीक से जल में मौजूद हानिकारक लेड की जांच कम लागत और सरल तरीके से की जा सकेगी। शोध को पर्यावरणीय निगरानी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सरसों के तेल से जले दीपक से निकलने वाले कार्बन कालिख जिसका प्रयोग काला रंग और काजल बनाने में किया जाता है। अब इसी काजल के प्रयोग से पानी में मिलने वाले लेड आयन (पीबी2+) का पता लगाना आसान हो गया है।
बीएचयू में जेआरएफ यानी जूनियर रिसर्च फेलोशिप सोनाम लामु शेर्पा का एक शोध हाल ही में प्रकाशित हुआ है। इसमें कालिख को अब ऐसे प्रकाशदीप्त कार्बन नैनोडॉट्स में परिवर्तित किया गया है, जो जल में उपस्थित विषैले लेड आयनों का पता लगाने में सक्षम हैं। डॉ. अर्चना तिवारी के निर्देशन में शोध करने वाली सोनाम ने शोध में बताया है कि घरों में सरसों के तेल के दीपक से निकलने वाली कालिख को लौ के ऊपर उल्टा रखे मिट्टी के पात्र की सहायता से एकत्र किया जाता है।
पारंपरिक रूप से इस कालिख को बंधक पदार्थ के साथ मिलाकर काला रंग तैयार किया जाता है। साथ ही घी के साथ मिलाकर काजल बनाया जाता है, जो भारतीय सौंदर्य एवं सांस्कृतिक परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है। अध्ययन में सिक्किम, हैदराबाद विवि आईआईएसईआर भोपाल के शोधकर्ताओं ने भी सहयोग किया।
बीएचयू में सेमेस्टर परीक्षा के 24 दिन बाद ही परिणाम
बीएचयू में सत्र 2026-27 के लिए जारी शैक्षणिक कैलेंडर में सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि के साथ ही परिणाम जारी करने का जिक्र किया गया है। इस बार ऑड सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के 24 दिन बाद ही परिणाम आ जाएगा। मिड सेमेस्टर की परीक्षा भी 3 अक्तूबर से शुरू हो गई, जो 17 अक्तूबर तक चलेगी।
एकेडमिक डिपार्टमेंट के शैक्षणिक कैलेंडर में ऑड, इवन सेमेस्टर के लिए अलग-अलग तिथि तय की गई है। ऑड सेमेस्टर में यूजी, पीजी 1,3 सेमेस्टर के साथ ही यूजी में 5,7 और 9वें सेमेस्टर जबकि इवन में यूजी, पीजी दूसरे, चौथे सेमेस्टर के साथ ही छठे, आठवें और दसवें सेमेस्टर में यूजी की परीक्षा तिथि तय की गई है।