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BHU: बेहतर प्लेसमेंट वाले कोर्स फिर भी पीजी में 18%, यूजी में 63% दाखिले; 14 लाख रुपये था सालाना पैकेज
Thu, 22 Jan 2026 04:40 PM IST
अमन विश्वकर्मा
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 22 Jan 2026 04:40 PM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू में कला संकाय के एक प्रोफेसर ने बताया कि 2021 तक ऐसा नहीं था। सभी सीटें भर जाती थीं, यहां तक कि प्रवेश नहीं मिलता था। लेकिन उसके बाद स्थिति ही बदल गई। कोविड के बाद दाखिले कम हुए।
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
BHU University: बेहतर प्लेसमेंट, स्किल और स्कोप होने के बावजूद वोकेशनल कोर्स में छात्रों की संख्या घट रही है। बीएचयू में पिछले साल इस कोर्स में 14 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज लगा था, लेकिन दाखिले के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। बीएचयू में छह स्नातक स्तर के और चार परास्नातक स्तर के वोकेशनल कोर्स हैं।
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परा स्नातक (मास्टर ऑफ वोकेशनल एमवोक) की कुल 224 सीटों में से सिर्फ 47 छात्र-छात्रा ही पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि स्नातक (बैचलर ऑफ वोकेशनल-बीवोक) के छह कोर्स में 360 उपलब्ध सीटों पर 228 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सीटों के मुकाबले मात्र 18 फीसदी छात्र ही पीजी कर रहे हैं जबकि यूजी में यह आंकड़ा 63 फीसदी ही हैं।
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दूसरी ओर बेहतर स्कोप के चलते इन कोर्स पर प्लेसमेंट 50 फीसदी से ज्यादा है और 90 फीसदी छात्र किसी न किसी नौकरी में लग जाते हैं। एमवोक के चारों विषयों में छात्रों की संख्या इतनी कम है कि कई बार कुछ छात्रों के न रहने पर कक्षाएं ही खाली रह जाती हैं। हॉस्पिटैलिटी टूरिज्म में 11, रिटेल मैनेजमेंट में 16, मेडिकल टेक्नोलॉजी में 10, फैशन टेक्नोलॉजी में सिर्फ पांच और फूड प्रोसेसिंग मैनेजमेंट में 10 छात्र-छात्राएं ही हैं। जबकि इन सभी कोर्स में 62-62 सीटों पर प्रवेश होता है।
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कई प्रोफेसरों ने छोड़ दिया कोर्स: कोविड के बाद कई शिक्षक और प्रोफेसरों ने साउथ कैंपस छोड़ दिया। कई प्रोफेसरों को मेन कैंपस मिल गया और जो निजी तौर पर पढ़ाते थे उनको कहीं और स्थायी नियुक्ति मिल गई।
कला संकाय के बजाय आयुर्वेद के प्रोफेसर हैं समन्वयक : बीएचयू में इस कोर्स को लेकर कई सवाल यह उठ रहा कि वोकेशनल कोर्स कला संकाय के तहत खोला गया था, लेकिन पिछले कुलपति के कार्यकाल में आयुर्वेद संकाय का समन्वयक बना दिया गया।
संपूर्णानंद में 3000 छात्र ऑनलाइन कर रहे पढ़ाई
बीएचयू के अलावा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सहित निजी कॉलेज वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कराते हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 2023 से चल रहा है लेकिन आवेदन, कक्षा से लेकर परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। दो साल में 3000 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर फीस जमा किया है। इसमें ज्योतिष, वास्तुशास्त्र और वैदिक शास्त्रों में डिप्लोमा आदि कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स बंद हो चुका है। जबकि विद्यापीठ के मेन कैंपस में वोकेशनल कोर्स नहीं चलता।
बीएचयू के अलावा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सहित निजी कॉलेज वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कराते हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 2023 से चल रहा है लेकिन आवेदन, कक्षा से लेकर परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। दो साल में 3000 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर फीस जमा किया है। इसमें ज्योतिष, वास्तुशास्त्र और वैदिक शास्त्रों में डिप्लोमा आदि कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स बंद हो चुका है। जबकि विद्यापीठ के मेन कैंपस में वोकेशनल कोर्स नहीं चलता।