यूपी: सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख ठगे, नियुक्ति पत्र भी दिया; मुहर-परिचय पत्र बरामद
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने बीएसए कार्यालय का कर्मचारी बनकर फर्जी परिचय पत्र दिखाया और नियुक्ति पत्र दिया। जांच के दौरान आरोपी के पास से फर्जी मुहर, परिचय पत्र, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
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सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 2.30 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को मेहनाजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कर्मचारी बताकर पीड़ित को झांसे में लिया था। पुलिस ने उसके कब्जे से बीएसए कार्यालय का फर्जी परिचय पत्र, फर्जी मुहर, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के हिलालपुर निवासी लक्ष्मन विश्वकर्मा ने 30 सितंबर को पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि बेला कलीचपुर निवासी हरिश्चन्द्र ने खुद को बीएसए कार्यालय आजमगढ़ का कर्मचारी बताया और फर्जी परिचय पत्र दिखाकर सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
इसके एवज में उसने लक्ष्मन से 2.30 लाख रुपये नकद ले लिए। कुछ दिन बाद आरोपी ने लक्ष्मन को एक नियुक्ति पत्र दिया। पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग करने पहुंचा तो उसके फर्जी होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे, लेकिन वह लगातार टालमटोल करता रहा।
तहरीर के आधार पर मेहनाजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी में अन्य धाराएं भी बढ़ाई गईं। मेहनाजुपर थाना प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मानिकपुर मोड़ से हरिश्चन्द्र उर्फ हरिचरन राम (58) को दोपहर करीब 2.10 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, आजमगढ़ का फर्जी परिचय पत्र, बीएसए की फर्जी मुहर, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मेहनाजपुर थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।