बीएचयू: दीक्षांत से 75 दिन पहले ही मिलीं 11 उपाधियां, वजह- वीजा, रिसर्च और नौकरी; जानें कितने हैं डिग्रीधारक
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के 106वें दीक्षांत समारोह से करीब 75 दिन पहले 11 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वीजा, रिसर्च और नौकरी से जुड़ी आवश्यकताओं के कारण इन्हें पहले डिग्री दी गई। बीएचयू का 106वां दीक्षांत समारोह 12 दिसंबर को आयोजित होगा, जिसमें अन्य विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
विस्तार
बीएचयू में 11 विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह से 75 दिन पहले ही उपाधियां दे दी गईं। वीजा एक्सपायरी, चीन में रिसर्च और उज्बेकिस्तान-इराक में नौकरी के चलते ये फैसला लिया गया। इनमें चार पीएचडी और छह पीजी और एक एमबीबीएस की डिग्रीधारक शामिल हैं। हालिया में 9 सितंबर को दो अंग्रेजी से एमए की दो डिग्रियां दी गईं हैं।
चार छात्रों को चीन में पीडीएफ, वहीं दो को इराक और एक को उज्बेकिस्तान में जॉइन करना है। एक छात्रा को पश्चिम बंगाल से पीएचडी करनी है, इसलिए उसे स्पेशल केस के तहत एमए की डिग्री दी गई। इस साल 12 दिसंबर को बीएचयू का 106वां दीक्षांत समारोह मनाया जाना है। इसमें करीब 13 हजार से ज्यादा उपाधियां दी जाएंगी, मगर इनमें ये 11 उपाधियां नहीं होंगी।
मॉलेक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स की हियाम हमेल मोहम्मद को 13 जुलाई को एमएससी की उपाधि दी गई। इसके पीछे वजह ये रही कि उनका वीजा जल्द ही एक्सपायर होने वाला था। मेडिसिन विभाग के डोंडापति वेंकट वाम्शी कृष्णा को बीते 26 मई को एमबीबीएस की डिग्री दी गई।
डोंडापति को अमेरिका के नैशविले में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप में जॉइन करना था। रसायन शास्त्र विभाग के राहुल कुमार सैनी को 18 जून और 20 जुलाई को मनवीर पटेल को पीएचडी की उपाधि मिली। सैनी को चीन की टोंग यूनिवर्सिटी और मनवीर को वहीं के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ चाइनीज मेडिसिन में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप के पद पर चयनित किया गया है।
एमए कर उज्बेकिस्तान में बनीं शिक्षिका
लिंग्विस्टिक से एमए कर चुकीं सोफिया साना राईन को एमए की उपाधि इसलिए दी गई, क्योंकि उन्हें उज्बेकिस्तान में शिक्षिका की नौकरी जॉइन करनी थी। स्वाति शर्मा को भी पीएचडी की उपाधि दी गई। अब वह चीन के हर्बिन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट पद पर जॉइन करेंगी। त्रयंबक नाथ चौबे को ताइवान के नेशनल सिंग हुआ यूनिवर्सिटी में पीडीएफ बनाया गया था।
इराक के दूतावास से आया अनुरोध
डीएवी पीजी कॉलेज की रश्मि भकत को पश्चिम बंगाल में पीएचडी और जॉब इंटरव्यू में डिग्री जमा करनी थी इसलिए उन्हें एमए अंग्रेजी की उपाधि दी गई। इराक के वसीम तालिब को अपने देश में नौकरी करने के लिए दो सितंबर को एमए अंग्रेजी की उपाधि दी गई। नई दिल्ली स्थित इराक के दूतावास स्थित सांस्कृतिक कार्यालय की ओर से आए अनुरोध के चलते इन्हें 12 सितंबर को डिग्री दी गई।