BHU का मामला PMO पहुंचा: परीक्षा नियंत्रक कार्यालय 4 घंटे तक बंद, छात्रों ने काटा बवाल; VC आवास के बाहर धरना
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के विरोध में छात्रों की नाराजगी और प्रदर्शन जारी है। वीसी आवास के बाहर धरना दे रहे छात्र का पीएमओ ने संज्ञान लिया है। रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाकर खूब नारेबाजी की।
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दूसरी ओर कुलपति आवास के सामने चल रहे एकल धरने मामले का पीएमओ ने संज्ञान ले लिया है। बीएचयू ने नियमों का हवाला देते हुए कुलपति आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवम सोनकर के प्रवेश को उचित नहीं माना है। वहीं, सेंट्रल ऑफिस पर लगातार छठवें दिन छात्रों का आमरण अनशन खत्म हो गया, लेकिन धरना जारी है। डीन और चीफ प्रॉक्टर ने एक दिन की मोहलत के आश्वासन पर अनशन खत्म कराया।
नया प्रदर्शन हिंदी विभाग को लेकर हुआ। परीक्षा नियंता कार्यालय के बाहर एबीवीपी संगठन के छात्रों को आता देख सुरक्षा गार्डों ने कार्यालय के गेट की तालाबंदी कर दी। छात्रों ने कार्यालय को घेर लिया और रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाकर खूब नारेबाजी की।
छात्रों ने 4 घंटे तक किसी को आने-जाने नहीं दिया तो परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियाल वहां पहुंची और स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार कर रहे हैं।
पीएमओ को दिया गया स्पष्टीकरण
शिवम सोनकर मामले में बीएचयू की ओर से पीएमओ को स्पष्टीकरण दिया गया। मालवीय शांति अनुसंधान केंद्र के प्रमुख से बातचीत की कार्यवाहक कुलपति ने पीएमओ को स्थिति से अवगत कराया।
बीएचयू ने कहा कि आरईटी एंग्जंप्टेड श्रेणी में मुख्य विषय के लिए तीन सीटें उम्मीदवारों के न होने की वजह से खाली हैं। पीएचडी इंफॉर्मेशन बुलेटिन में विज्ञापित सीटों से कम आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में सीटों का दूसरी श्रेणी में ट्रांसफर काउंसिलिंग शुरू होने से पूर्व ही संभव है।
छात्रों की 3 प्रमुख मांगें...
प्रक्रिया में देरी होने से छात्रों का समय न खराब हो ऐसे में जिन भी विभागों में शोध की सीटें खाली है उन्हें मंगाकर वर्तमान सत्र की प्रवेश प्रक्रिया में ही जोड़ लिया जाए। वेटिंग में शामिल छात्रों को उन सीटों पर प्रवेश दिया जाए।
सामाजिक समावेशन केंद्र और मालवीय शांति अध्ययन केंद्र में शोध प्रवेश में व्याप्त अनियमितता को लेकर धरनारत छात्रों से संवाद करके छात्र हितों में उनकी समस्याओं का शीघ्र निदान किया जाए।
जिन भी विभागों में आरईटी या आरईटी एंग्जंप्टेड श्रेणी की सीटें रिजल्ट के बाद भी सीटें खाली रह गईं है, उनका नियमानुसार दूसरी श्रेणी में समायोजन किया जाए।