BHU: प्रॉक्टोरियल बोर्ड और छात्राओं में नोकझोंक, जबरन हटाया गया; चयन प्रक्रिया की शिकायत से जुड़ा है मामला
Varanasi News: चयन प्रकिया की शिकायत को लेकर छात्राओं ने अपनी नाराजगी जताई। केंद्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंची छात्राओं को धरना नहीं करने दिया गया। इस पर मामला और बढ़ गया।
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BHU: ईस्ट जोन अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता ओडिशा में खेली जाएगी। इसमें बीएचयू के अलग-अलग संकायों की छात्राओं ने चयन प्रकिया की शिकायत बीएचयू के कुलपति से की। साथ ही समाधान नहीं होने पर नाराज होकर छात्राएं शनिवार देर शाम धरने पर बैठ गईं।
इससे पहले छात्राओं ने सुबह 10 से 12 बजे तक केंद्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। बीएचयू के क्रीड़ा परिषद कार्यालय में कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन शाम तक समाधान नहीं हुआ। हताश छात्राओं का समूह शाम पांच बजे केंद्रीय कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया।
लगाया गंभीर आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि 24 जनवरी और पांच फरवरी को ट्रायल दिया था। चयन प्रक्रिया में दौड़ पास करने के बाद स्किल टेस्ट लिया गया। छात्राओं ने बताया कि 28 जनवरी से लगातार अभ्यास कर रहे हैं। नौ खिलाड़ियों ने ओपन नेशनल से स्कूली नेशनल तक का सफर तय किया है।
बावजूद टीम में चयन नहीं होना दुखी करने वाला है। पहले भी कहा गया कि नौ छात्राएं चयनित हैं, दो दिन बाद कहा गया कि टीम के खिलाड़ी टेस्ट पास नहीं कर सके हैं, ऐसे में टीम नहीं जाएगी। छात्राओं ने इसकी शिकायत बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी से की।
दूसरी बार चयन प्रकिया में सिर्फ छह खिलाड़ी पास हो सके। छात्राओं ने आरोप लगाया कि क्रीड़ा परिषद के लोग टीम ही नहीं भेजना चाहते हैं। बैठे छात्राओं को बीएचयू के निजी सुरक्षाकर्मियों ने शाम साढ़े आठ बजे बलपूर्वक कुलपति के पोर्टिगो से हटा दिया। छात्राओं ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने जबरन हटाया, लेकिन उनका धरना चल रहा है। छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
ईस्ट जोन के लिए दो बार चयन प्रक्रिया अपनाई गई। चयन समिति ने छह खिलाड़ियों को टीम के लिए सही माना। अन्य खिलाड़ी टेस्ट नहीं पास कर सके, इसलिए बीएचयू की खो-खो टीम प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं कर सकेगी। - प्रो. एके नेमा महासचिव विश्वविद्यालीयय क्रीड़ा परिषद, बीएचयू