बीएचयू: एबीवीपी ने चीफ प्रॉक्टर की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, ओढ़ाया था कफन; लगाए विरोधी नारे
कैंपस में एबीवीपी के अनिश्चितकालीन धरने के आठवें दिन बुधवार को कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्था, छात्रहित और चीफ प्रॉक्टर से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सुरक्षा गार्डों और विद्यार्थियों के बीच धक्कामुक्की से तनाव की स्थिति बनी। एबीवीपी ने आंदोलन जारी रखने की बात कही।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था और छात्रहितों से जुड़े मामलों में कथित उदासीनता के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान एबीवीपी, बीएचयू इकाई के कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर विश्वविद्यालय प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि प्रतीकात्मक शवयात्रा के माध्यम से विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े मालवीय मूल्यों के कमजोर होने के खिलाफ संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि विद्या, अनुशासन, भारतीय संस्कृति, छात्रहित और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों के संरक्षण के लिए विद्यार्थी परिषद आवाज उठाती रहेगी।
पल्लव सुमन ने चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल व्यवस्था से जुड़ी मांगों को दोहराते हुए कहा कि छात्रहित के मुद्दों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, मंत्री अनुराग तिवारी ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने और प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के साथ संवाद कर उनकी मांगों पर समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और आंदोलनरत विद्यार्थियों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी। एबीवीपी के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा गार्डों ने विद्यार्थियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। संगठन ने इसे विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के अधिकार में हस्तक्षेप बताया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की। एबीवीपी नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।