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बीएचयू में बवालः एबीवीपी से जुड़े छात्रों का क्रमिक अनशन शुरू, पीएम को भी लिखा पत्र
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 31 Mar 2017 11:17 PM IST
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छात्रों ने शुरू की क्रमिक भूख हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू अस्पताल से शुरू हुआ बवाल ने अब दूसरा मोड़ ले लिया है। विवाद और मारपीट के विरोध में एबीवीपी से जुड़े बीएचयू छात्रों ने अब अपने कुलपति के ही खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ कई दूसरे मुद्दे भी जोड़ लिए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय पर बीएचयू छात्रों के धरने का चौथा दिन था।
चौथे दिन उन्होंने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। वहीं छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बीएचयू में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करवाने के साथ ही न्याय की गुहार लगाई है। उधर परिसर में शाम को एबीवीपी के कार्यकताओं ने मोटर साइकल जुलूस निकालकर धरनारत छात्रों का समर्थन किया गया।
मंगलवार से केंद्रीय कार्यालय पर बैठे छात्रों में से एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सिंह और विभाग संयोजक चक्रपाणि ओझा ने शुक्रवार की सुबह आठ बजे से 24 घंटे के क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि 27 मार्च को बीएचयू अस्पताल में जिस छात्र को जूनियर डॉक्टर डॉ. मीत मिनारे ने मारा था, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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उधर प्रधानमंत्री को संबोधित अपनी चार सूत्री ज्ञापन लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में सौंपा।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अस्पताल परिसर में पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन सेंटर के परिचालन की सीबीआई जांच कराने के साथ बीते 26 मार्च को हुई लैब अटेंडेंट की परीक्षा में हुई धांधली, एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय को बर्खास्त करने और कुलपति द्वारा निष्कासित किए गए 57 छात्रों के मामले की जांच प्रशासनिक अधिकारी से करवाने की मांग की है।
इसके अलावा छात्रों का ये भी कहना है कि बीएचयू छात्राओं के साथ जो भेदभाव हो रहा है, उसकी की भी जांच कराई जाए। बता दें कि छात्राओं के मामले को मंत्री प्रकाश जावडेकर पहले ही खारिज कर चुके हैं।
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चौथे दिन उन्होंने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। वहीं छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बीएचयू में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करवाने के साथ ही न्याय की गुहार लगाई है। उधर परिसर में शाम को एबीवीपी के कार्यकताओं ने मोटर साइकल जुलूस निकालकर धरनारत छात्रों का समर्थन किया गया।
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मंगलवार से केंद्रीय कार्यालय पर बैठे छात्रों में से एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सिंह और विभाग संयोजक चक्रपाणि ओझा ने शुक्रवार की सुबह आठ बजे से 24 घंटे के क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि 27 मार्च को बीएचयू अस्पताल में जिस छात्र को जूनियर डॉक्टर डॉ. मीत मिनारे ने मारा था, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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उधर प्रधानमंत्री को संबोधित अपनी चार सूत्री ज्ञापन लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में सौंपा।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अस्पताल परिसर में पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन सेंटर के परिचालन की सीबीआई जांच कराने के साथ बीते 26 मार्च को हुई लैब अटेंडेंट की परीक्षा में हुई धांधली, एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय को बर्खास्त करने और कुलपति द्वारा निष्कासित किए गए 57 छात्रों के मामले की जांच प्रशासनिक अधिकारी से करवाने की मांग की है।
इसके अलावा छात्रों का ये भी कहना है कि बीएचयू छात्राओं के साथ जो भेदभाव हो रहा है, उसकी की भी जांच कराई जाए। बता दें कि छात्राओं के मामले को मंत्री प्रकाश जावडेकर पहले ही खारिज कर चुके हैं।
बीएचयू वीसी का पूतला फूंका
पुतला फूंका
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद डीएवी इकाई के छात्रों ने बीएचयू के वीसी का पूतला फूंका। छात्राें का कहना था कि मांगों के समर्थन में बीएचूय के छात्र धरने पर हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन शांत बैठा हुआ है। डाक्टर के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इधर,केंद्रीय कार्यालय बीएचयू पर धरना दे रहे सात छात्र समेत अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में प्राक्टोरियल बोर्ड ने एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें चक्रपाणि ओझा, भूपेंद्र सिंह, अमर्त्य उपाध्याय, मयंक मिश्रा, प्रभाकर तिवारी, श्याम मिश्रा, लक्ष्मी नारायण शर्मा के खिलाफ कानून व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इधर,केंद्रीय कार्यालय बीएचयू पर धरना दे रहे सात छात्र समेत अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में प्राक्टोरियल बोर्ड ने एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें चक्रपाणि ओझा, भूपेंद्र सिंह, अमर्त्य उपाध्याय, मयंक मिश्रा, प्रभाकर तिवारी, श्याम मिश्रा, लक्ष्मी नारायण शर्मा के खिलाफ कानून व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है।