BHU: पीजी कर चुके 3000 छात्रों ने चुनी नौकरी, 7000 ने उच्च शिक्षा; मंत्रालय से जारी किए तीन साल के आंकड़े
Varanasi News: बीएचयू में पारंपरिक यूजी और पीजी कोर्स के बाद सबसे ज्यादा 493 दाखिले चार वर्षीय यूजी कोर्स में हुए। तीन वर्ष के पीजी कोर्स में 428 और पांच वर्ष के यूजी में 309 को प्रवेश दिया गया।
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पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद नौकरी या बिजनेस की ओर बढ़ने के बजाय युवा उच्च शिक्षा को चुन रहे हैं। साल 2020 से 23 में बीएचयू से पीजी कर चुके करीब 3000 छात्रों ने नौकरी जाॅइन की तो वहीं 7000 विद्यार्थियों ने पीएचडी, बीएड, एलएलबी आदि कोर्स में दाखिला ले लिया।
तीन वर्षीय पीजी कोर्स करने वालों के कैंपस प्लेसमेंट का आंकड़ा उच्च शिक्षा के मुकाबले 10 गुना ज्यादा है। इस कोर्स में 700 ने कैंपस प्लेसमेंट कराया, जबकि 72 छात्र उच्च शिक्षा में पंजीकृत हुए।
तीन वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक के यूजी कोर्स करने वाले करीब 1500 छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट हुआ। वहीं 11,500 छात्र-छात्राओं ने उच्च शिक्षा के तहत पीजी में दाखिला लिया। चार वर्षीय यूजी कोर्स में 1000 छात्रों ने उच्च शिक्षा और करीब 150 ने नौकरी जाॅइन की। वहीं, 2017 से 2020 तक पांच वर्ष के यूजी कार्यक्रम में नौकरी करने वालों की संख्या उच्च शिक्षा से दो तिहाई ज्यादा रहा।
बीएचयू में 509 विदेशी छात्र ले रहे शिक्षा
बीते सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से एनआईआरएफ रैंकिंग में ये आंकड़े जारी किए गए हैं। बीएचयू में 30 हजार से ज्यादा छात्र-छात्रा पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें विदेशी छात्रों की संख्या 509 है। तीन वर्षीय यूजी कोर्स में 13882 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 7114 छात्र और 6768 छात्राएं हैं। इसमें से 227 विदेशी छात्र भी शामिल हैं।
चार वर्षीय यूजी कोर्स में 126 विदेशी सहित 2046 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें 1064 छात्र और 982 छात्राएं हैं। पांच वर्षीय पीजी कार्यक्रम में 1181 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। इसमें 614 छात्र, 567 छात्राएं हैं। 17 विदेशी भी हैं। दो वर्ष के पीजी कार्यक्रम में 135 विदेशी सहित कुल 10336 विद्यार्थी हैं। इनमें 5060 छात्र, 5276 छात्राएं हैं।