बीएचयू: एमडी-एमएस और एमडीएस की 175 सीटों पर प्रवेश के लिए 14 दस्तावेज जरूरी, जानें खास जानकारी
Varanasi News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एकेडमिक रिकॉर्ड्स और पहचान पत्र के अलावा मांगे कई विवरण मांगे गए हैं। सबसे ज्यादा 31 सीटें एनेस्थिसिया विभाग में हैं। हर बार की तरह इस बार भी संस्थान या कॉलेज के प्रमुख द्वारा जारी प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीट पीजी काउंसिलिंग के तहत एमडी, एमएस और डीएनएस कोर्स में प्रवेश के लिए बीएचयू ने 14 से ज्यादा जरूरी दस्तावेज की सूची जारी कर दी है। ये दस्तावेज हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के सर्टिफिकेट और पहचान पत्र को छोड़कर मांगे गए हैं। तीसरे राउंड का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब महीने के अंदर काउंसिलिंग कराकर जॉइनिंग दी जाएगी।
आईएमएस बीएचयू में करीब 175 पीजी सीटों पर प्रवेश होना है। आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन संकाय की ओर से जारी पत्र में मेडिकल काउंसिल कमेटी के नियमों का हवाला देते हुए जरूरी दस्तावेज को दाखिले के दौरान साथ में लाने को कहा गया है।
इसमें बताया गया है कि एमसीसी का अलॉटमेंट लेटर, एनबीई का एडमिट कार्ड और रिजल्ट, रैंक लेटर, एमबीबीएस पहले, दूसरे और तीसरे साल की परीक्षाओं की मार्कशीट, एमबीबीएस डिग्री सर्टिफिकेट और एमबीबीएस सर्टिफिकेट, एमसीआई और एनएमसी द्वारा जारी स्थायी और अस्थायी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट, इंटर्नशिप प्रमाण पत्र या संस्थान या कॉलेज के प्रमुख द्वारा जारी प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है।
वहीं, इंटर्नशिप की शुरुआत 31 मार्च तक पूरी हो जाए। जबकि अंतिम तिथि 31 जुलाई तक इंटर्नशिप की अंतिम तिथि तय की गई है। बीएचयू में सबसे ज्यादा 31 सीटें एनेस्थिसिया विभाग में हैं।
31 जुलाई से पहले का हो इंटर्नशिप
आईएमएस बीएचयू में पीजी के लिए 175 सीटों पर प्रवेश के लिए दो दिन पहले तीसरे राउंड का रिजल्ट जारी किया जा चुका है। वहीं, अब तक दो राउंड में करीब 100 का रिजल्ट पहले ही आ चुका है। दूसरी ओर प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए मान्य है जो इंटर्नशिप कर रहे हैं और 31 जुलाई 2025 तक इंटर्नशिप पूरा कर चुके हैं।
20 से ज्यादा विभागों में हैं सीटें
एनेस्थेसियोलॉजी में 31 सीटें, जनरल सर्जरी में 20, जनरल मेडिसिन में 19, बाल रोग में 12, प्रसूति एवं स्त्रीरोग और रेडियो-डायग्नोसिस में 10-10 सीटें, ऑर्थोपेडिक्स में 9, नेत्र विज्ञान में 8, मनोचिकित्सा में 6, त्वचा रोग-कुष्ठ रोग में 5, ईएनटी में 5, रेडियोथेरेपी में 5 और पल्मोनरी मेडिसिन में 5 सीटों पर प्रवेश होगा। पैरा-क्लिनिकल और प्री-क्लिनिकल के तहत पैथोलॉजी में 9, माइक्रोबायोलॉजी और फार्माकोलॉजी में 5-5 सीटें, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री: में 4-4 सीटें, एनाटॉमी में 3 सीटों पर दाखिला होगा।