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काशी विद्यापीठ में पत्रकारिता की छात्रा थी मनीषा राय, आखिरी पेपर देकर लौटीं थीं अपने घर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 20 May 2018 10:30 AM IST
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मनीषा राय
- फोटो : facebook
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भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री मनीषा राय (25) की शुक्रवार रात बलिया में सड़क हादसे में मौत हो गई। बलिया निवासी मनीषा राय काशी विद्यापीठ की छात्रा थीं। यहां से वो एमए पत्रकारिता कर रही थीं। शुक्रवार को ही वो अपना आखिरी सेमेस्टर पेपर देकर अपने घर बलिया लौटीं थीं।
मनीषा को बचपन से ही अभिनय का शौक था और भोजपुरी से लगाव। करीब छह साल पहले वो अभिनय की दुनिया में आईं। दादा साहब फालके पुरस्कार हासिल कर चुके काशी के उज्ज्वल पांडेय के साथ छह साल पहले उन्होंने अभिनय में कदम रखा। शुरुआत शॉर्ट फिल्म से की।
कॉलेज के बाद पार्ट-1, पार्ट-2 के अलावा उन्होंने मिस्टर एंड मिस एट नाइट शार्ट फिल्म की। अपनी स्वर्गीय मां पर मनीषा ने एक कविता लिखी थी जिस पर मणिकर्णिका शार्ट फिल्म बनाई गई। इसमें भी उन्होंने अभिनय किया। मनीषा कविताएं भी लिखती थीं।
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इसलिए उनके एक साथी ने उन्हें याद करते हुए लिखा है, ‘तुम अमर हो अपनी कविताओं में, अपने सिनेमा के किरदारों में’। उनकी ‘एक थी कार’ शार्ट फिल्म एनडीटीवी पर प्रसारित हुई। ब्यूटीफुल और कोहबर से उन्हें खास लोकप्रियता मिली। इसे 46 लाख से अधिक लोगों ने देखा।
कोहबर की लोकप्रियता के बाद ही निर्देशक उज्ज्वल पांडेय कोहबर फीचर फिल्म बना रहे थे। ये फिल्म 80 प्रतिशत पूरी हो गई थी। उज्ज्वल कहते हैं मनीषा के जाने से वो खालीपन आया है, उसे बयां नहीं किया जा सकता लेकिन ये फिल्म पूरी होगी और यही उसके प्रति श्रद्धांजलि होगी।
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मनीषा को बचपन से ही अभिनय का शौक था और भोजपुरी से लगाव। करीब छह साल पहले वो अभिनय की दुनिया में आईं। दादा साहब फालके पुरस्कार हासिल कर चुके काशी के उज्ज्वल पांडेय के साथ छह साल पहले उन्होंने अभिनय में कदम रखा। शुरुआत शॉर्ट फिल्म से की।
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कॉलेज के बाद पार्ट-1, पार्ट-2 के अलावा उन्होंने मिस्टर एंड मिस एट नाइट शार्ट फिल्म की। अपनी स्वर्गीय मां पर मनीषा ने एक कविता लिखी थी जिस पर मणिकर्णिका शार्ट फिल्म बनाई गई। इसमें भी उन्होंने अभिनय किया। मनीषा कविताएं भी लिखती थीं।
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इसलिए उनके एक साथी ने उन्हें याद करते हुए लिखा है, ‘तुम अमर हो अपनी कविताओं में, अपने सिनेमा के किरदारों में’। उनकी ‘एक थी कार’ शार्ट फिल्म एनडीटीवी पर प्रसारित हुई। ब्यूटीफुल और कोहबर से उन्हें खास लोकप्रियता मिली। इसे 46 लाख से अधिक लोगों ने देखा।
कोहबर की लोकप्रियता के बाद ही निर्देशक उज्ज्वल पांडेय कोहबर फीचर फिल्म बना रहे थे। ये फिल्म 80 प्रतिशत पूरी हो गई थी। उज्ज्वल कहते हैं मनीषा के जाने से वो खालीपन आया है, उसे बयां नहीं किया जा सकता लेकिन ये फिल्म पूरी होगी और यही उसके प्रति श्रद्धांजलि होगी।
25 से 30 शार्ट फिल्मों में किया काम
मनीषा राय
- फोटो : SELF
नरहीं थाना क्षेत्र के टुटुवारी गांव में 1993 में मनीषा का जन्म हुआ था। मनीषा के पिता बबुआ राय गांव में खेती करते हैं। मनीषा दो साल की थीं, तभी कैंसर से पीड़ित मां मंजू राय का निधन हो गया था।
इसके बाद वाराणसी में मौसी ने उनका पालन पोषण किया। वाराणसी में ही मनीषा की पढ़ाई भी हुई। मनीषा ने कमला पति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई के बाद काशी विद्यापीठ से मॉस कम्युनिकशन कोर्स किया। मनीषा शुरु से ही हास्टल में रहती थी।
इधर, भोजपुरी फिल्म ‘कोहबर’ की शूटिंग मनियर थाना क्षेत्र में 10 अप्रैल से चल रही थी। इसमें मुख्य किरदार की भूमिका में मनीषा राय थीं। फिल्म की फाइनल शूटिंग 19 व 20 मई को होनी थी। बीच में पत्रकारिता की परीक्षा देने के लिए मनीषा वाराणसी चली गई थीं।
परीक्षा देने के बाद शुक्रवार रात करीब आठ बजे फिल्म के कैमरामैन बांसडीह कोतवाली निवासी संजीव मिश्रा के साथ बाइक से वह मनियर जा रही थीं। इसी दौरान मनियर-बांसडीह मार्ग के रानीपुर मौजा के धूपा सिंह के पोखरे के पास कार की चपेट में आने से मनीषा और संजीब की मौत हो गई।
मालूम हो कि ‘आरोहन’ के बैनर तले लघु फिल्म ‘कोहबर’ के बाद बड़े पर्दे के लिए फिल्म ‘कोहबर’ की तैयारी चल रही थी। मनीषा ने 25 से 30 शार्ट फिल्मों में काम किया था। इसके अलावा अक्कड़-बक्कड़ टीवी सीरियल में भी काम किया। भोजपुरी शार्ट फिल्म ओरहन में मनीषा ने बतौर मुख्य अभिनेत्री कार्य किया।
इसके बाद वाराणसी में मौसी ने उनका पालन पोषण किया। वाराणसी में ही मनीषा की पढ़ाई भी हुई। मनीषा ने कमला पति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई के बाद काशी विद्यापीठ से मॉस कम्युनिकशन कोर्स किया। मनीषा शुरु से ही हास्टल में रहती थी।
इधर, भोजपुरी फिल्म ‘कोहबर’ की शूटिंग मनियर थाना क्षेत्र में 10 अप्रैल से चल रही थी। इसमें मुख्य किरदार की भूमिका में मनीषा राय थीं। फिल्म की फाइनल शूटिंग 19 व 20 मई को होनी थी। बीच में पत्रकारिता की परीक्षा देने के लिए मनीषा वाराणसी चली गई थीं।
परीक्षा देने के बाद शुक्रवार रात करीब आठ बजे फिल्म के कैमरामैन बांसडीह कोतवाली निवासी संजीव मिश्रा के साथ बाइक से वह मनियर जा रही थीं। इसी दौरान मनियर-बांसडीह मार्ग के रानीपुर मौजा के धूपा सिंह के पोखरे के पास कार की चपेट में आने से मनीषा और संजीब की मौत हो गई।
मालूम हो कि ‘आरोहन’ के बैनर तले लघु फिल्म ‘कोहबर’ के बाद बड़े पर्दे के लिए फिल्म ‘कोहबर’ की तैयारी चल रही थी। मनीषा ने 25 से 30 शार्ट फिल्मों में काम किया था। इसके अलावा अक्कड़-बक्कड़ टीवी सीरियल में भी काम किया। भोजपुरी शार्ट फिल्म ओरहन में मनीषा ने बतौर मुख्य अभिनेत्री कार्य किया।