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कान्हा के जन्मोत्सव पर झूमा धर्मसंघ प्रांगण
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वाराणसी। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की... की धुन पर धर्मसंघ प्रांगण में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का मंचन हर किसी के मन को हर्षित कर गया। मौका था रविवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल के प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का। पुष्प वर्षा के बीच लाल रंग की टोकरी में गोपाल को लेकर नंद बाबा की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
कथावाचक डॉ. संजय कृष्ण सलिल महाराज ने कहा कि काशी एक ऐसी नगरी है जहां सृष्टि का कोई नियम नहीं चलता, यहां सिर्फ महादेव की इच्छा चलती है। कलियुग में कहीं सुदामा मिलते हैं तो वह काशी में महामना मदन मोहन मालवीय के रूप में। आज अधर्म का बोलबाला है, इसके लिए धर्म के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता और बढ़ जाती है। इस दौरान उमा तुलस्यान, संजीव तुलस्यान, संदीप तुलस्यान, संजय राय, संजय अग्रवाल, विजय मोदी, सुरेश तुलस्यान, राम बूबना, कृष्ण कुमार काबरा, प्रशांत गनेड़ीवाला, महेश पोद्दार, राजीव जाजोदिया, अनिल सर्राफ आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा का संचालन कुंज बिहारी मिश्र और संयोजन रजनीश कुमार शर्मा ने किया। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सांयकाल 6 बजे गोवर्धन लीला के अवसर पर छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी।
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कथावाचक डॉ. संजय कृष्ण सलिल महाराज ने कहा कि काशी एक ऐसी नगरी है जहां सृष्टि का कोई नियम नहीं चलता, यहां सिर्फ महादेव की इच्छा चलती है। कलियुग में कहीं सुदामा मिलते हैं तो वह काशी में महामना मदन मोहन मालवीय के रूप में। आज अधर्म का बोलबाला है, इसके लिए धर्म के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता और बढ़ जाती है। इस दौरान उमा तुलस्यान, संजीव तुलस्यान, संदीप तुलस्यान, संजय राय, संजय अग्रवाल, विजय मोदी, सुरेश तुलस्यान, राम बूबना, कृष्ण कुमार काबरा, प्रशांत गनेड़ीवाला, महेश पोद्दार, राजीव जाजोदिया, अनिल सर्राफ आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा का संचालन कुंज बिहारी मिश्र और संयोजन रजनीश कुमार शर्मा ने किया। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सांयकाल 6 बजे गोवर्धन लीला के अवसर पर छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी।
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