खुशखबरी : अब भदोही से मछलीशहर मार्ग होगा फोरलेन, गडकरी ने की घोषणा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय ट्रांसपोर्ट एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कालीन नगरी को फोरलेन की सौगात दी है। करीब आठ माह पूर्व की घोषणा को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई।
ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने वाराणसी से भदोही होते हुए जौनपुर के मछलीशहर तक फोरलेन को मंजूरी देते हुए प्रदेश सरकार पत्र जारी कर दिया है। करीब 89 किमी लंबा फोरलेन जिले में 55 किमी तक गुजरेगा। इससे लखनऊ की दूरी जहां कम हो जाएगी, वहीं विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
मंत्रालय की ओर से फोरलेन पर होने वाले खर्च का डीपीआर बनाया जा रहा है। जानकारों के अनुसार फोरलेन पर अनुमानित दो हजार करोड़ तक का खर्च आएगा। जिले के दक्षिणी छोर पर एनएचटू जीटी रोड गुजरती है। पिछले दिनों भारत सरकार ने हंडिया से वाराणसी तक उसे सिक्स लेन बनाने की मंजूरी दी थी।
करीब आठ माह पूर्व गोपीगंज के एक कार्यक्रम में न पहुंचने पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फोन से ही वाराणसी, भदोही, जंघई होते हुए मछलीशहर तक फोरलेन बनवाने की घोषणा की थी।
विधानसभा चुनाव में एक चुनावी सभा में भी दुबारा इस पर बात की। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के तीन माह बाद ट्रांसपोर्ट मंत्रालय की ओर से वाराणसी से मछलीशहर वाया भदोही मार्ग को फोरलेन की कवायद शुरू कर दी गई।
भारत सरकार के अपर सचिव मनीष कुमार सिंह ने प्रदेश सरकार को फोरलेन बनाने के लिए पत्र जारी कर दिया है। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि फोरलेन जिले के विकास में अहम योगदान देगा।
भदोही में लोगों की सहूलियत के लिए बाईपास बनाया जाएगा। फोरलेन बनने से लखनऊ की दूरी कम हो जाएगी। यह फोरलेन भदोही जिले में कंधिया रेलवे फाटक से लेकर जौनपुर की सीमा जंघई तक मार्ग तकरीबन 55 किलोमीटर तक है।
इन क्षेत्रों को होगा लाभ
ज्ञानपुर। फोरलेन से भदोही, वाराणसी और जौनपुर जिले के लोग लाभान्वित होंगे। जौनपुर के अति पिछड़े इलाकों में शामिल जंघई, गोधना और बंधवा बाजार का जहां विकास होगा वहीं भदोही, दुर्गागंज, मोढ़, सुरियावां, चौरी, कस्तूरीपुर बाजार भी विकसित होंगे। फोरलेन पर कितना खर्च आएगा यह तो डीपीआर बनने पर तय होगा लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मुआवजे और फोरलेन पर करीब दो हजार करोड़ खर्च आ सकता है।