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20 लाख का फर्जीवाड़ा व जमीन पर कब्जे में भाजपा विधायक पर केस के आदेश
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भदोही
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:30 AM IST
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भाजपा विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
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यूपी के भदोही से भाजपा विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी सहित छह के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने जालसाजी कर जमीन पर कब्जा करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
आरोप है कि चौगना गांव की आराजी संख्या 126 के सहखातेदारों का हिस्सा हड़पने की नीयत से विधायक और अन्य लोगों ने संस्था विक्रमादित्य बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम बैनामा करके फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिया और उसी के आधार पर सहखातेदारों की सहमति के बिना ही 15 वर्षों के लिए बंधक रख दिया।
आरोप है कि अनुबंध पत्र तैयार करने में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अनुबंध पत्र के आधार पर कन्या विद्यालय के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से 20 लाख का अनुदान ले लिया और उस रकम से उसी जमीन में निजी मकान बनवा लिया।
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कृष्णानंद तिवारी ने विधायक पर पद का दुरुपयोग करते हुए जमीन हड़पने का आरोप लगाया और शिकायत की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सीजेएम कोर्ट ने पूर्व विधायक के अलावा चौगना निवासी विक्रमादित्य, अरविंद, सुभाषचंद्र तिवारी, सचिन और महुआपुर निवासी चंद्रजीत के खिलाफ सुरियावां थाने की पुलिस को केस दर्ज मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।
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आरोप है कि चौगना गांव की आराजी संख्या 126 के सहखातेदारों का हिस्सा हड़पने की नीयत से विधायक और अन्य लोगों ने संस्था विक्रमादित्य बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम बैनामा करके फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिया और उसी के आधार पर सहखातेदारों की सहमति के बिना ही 15 वर्षों के लिए बंधक रख दिया।
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आरोप है कि अनुबंध पत्र तैयार करने में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अनुबंध पत्र के आधार पर कन्या विद्यालय के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से 20 लाख का अनुदान ले लिया और उस रकम से उसी जमीन में निजी मकान बनवा लिया।
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कृष्णानंद तिवारी ने विधायक पर पद का दुरुपयोग करते हुए जमीन हड़पने का आरोप लगाया और शिकायत की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सीजेएम कोर्ट ने पूर्व विधायक के अलावा चौगना निवासी विक्रमादित्य, अरविंद, सुभाषचंद्र तिवारी, सचिन और महुआपुर निवासी चंद्रजीत के खिलाफ सुरियावां थाने की पुलिस को केस दर्ज मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।