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मुख्तार एंबुलेंस प्रकरण में डॉक्टर अलका राय से हस्ताक्षर कराने वाला गिरफ्तार, साथ ले गई बाराबंकी पुलिस
Mon, 05 Apr 2021 09:29 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 05 Apr 2021 09:29 PM IST
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डॉक्टर अलका राय से हस्ताक्षर कराने वाला गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी के द्वारा उपयोग की गई एंबुलेंस के मामले में बाराबंकी पुलिस ने सोमवार को मऊ पुलिस की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजनाथ यादव पर एंबुलेंस के कागजात पर डा. अलका राय से हस्ताक्षर कराने और फाइनेंसर को मिलवाने का आरोप है।
एसपी सुशील घुले ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस बाराबंकी ले गई है। यह एंबुलेंस बाराबंकी जिले से श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम से फर्जी पते पर पंजीकृत थी। जांच के बाद एआरटीओ ने अस्पताल की संचालिका मऊ निवासी भाजपा नेत्री अलका राय के विरुद्ध बाराबंकी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस मामले में रविवार को बाराबंकी पुलिस ने मऊ आकर डा. अलका राय से पूछताछ की थी। अलका राय ने स्पष्ट किया था कि उनका इससे कोई लेना देना नहीं है, ना ही उन्होंने बाराबंकी में कभी किसी नाम से कोई अस्पताल खोला था। डा. अलका ने बताया कि जनता को एंबुलेंस देने के नाम पर मुख्तार के आदमी ने उनसे एक कागजात पर हस्ताक्षर कराया था, लेकिन समय बीतने के साथ वो इस मामले को भूल भी गई।
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एंबुलेंस कैसे मऊ में संचालित अस्पताल के नाम पर बाराबंकी में फर्जी पते पर पंजीकृत की गई? इसकी जानकारी होने से अलका राय ने इंकार किया था। जांच के दौरान पाया गया कि मऊ जिले के सरायलंसी थाने के हथिनी अहिरौली गांव निवासी राजनाथ यादव पुत्र फूलेश्वर यादव ने डा. अलका राय से कागजातों पर हस्ताक्षर कराया था। इस आधार पर बाराबंकी पुलिस ने सरायलखंसी थाने के सहयोग से सोमवार को राजनाथ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी सुशील घुले ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
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एसपी सुशील घुले ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस बाराबंकी ले गई है। यह एंबुलेंस बाराबंकी जिले से श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम से फर्जी पते पर पंजीकृत थी। जांच के बाद एआरटीओ ने अस्पताल की संचालिका मऊ निवासी भाजपा नेत्री अलका राय के विरुद्ध बाराबंकी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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इस मामले में रविवार को बाराबंकी पुलिस ने मऊ आकर डा. अलका राय से पूछताछ की थी। अलका राय ने स्पष्ट किया था कि उनका इससे कोई लेना देना नहीं है, ना ही उन्होंने बाराबंकी में कभी किसी नाम से कोई अस्पताल खोला था। डा. अलका ने बताया कि जनता को एंबुलेंस देने के नाम पर मुख्तार के आदमी ने उनसे एक कागजात पर हस्ताक्षर कराया था, लेकिन समय बीतने के साथ वो इस मामले को भूल भी गई।
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एंबुलेंस कैसे मऊ में संचालित अस्पताल के नाम पर बाराबंकी में फर्जी पते पर पंजीकृत की गई? इसकी जानकारी होने से अलका राय ने इंकार किया था। जांच के दौरान पाया गया कि मऊ जिले के सरायलंसी थाने के हथिनी अहिरौली गांव निवासी राजनाथ यादव पुत्र फूलेश्वर यादव ने डा. अलका राय से कागजातों पर हस्ताक्षर कराया था। इस आधार पर बाराबंकी पुलिस ने सरायलखंसी थाने के सहयोग से सोमवार को राजनाथ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी सुशील घुले ने कार्रवाई की पुष्टि की है।