Varanasi News : 8 ब्लॉकों में बनेंगे बरात घर और सामुदायिक भवन, VDA 2.75 करोड़ से निर्माण कार्य शुरू; जानें खास
जनता की सहूलित और सुविधाओं के लिए ये अच्छी पहल है। वाराणसी विकास प्राधिकरण इसका निर्माण करवाएगा। बरात घर आमजन के काम आ सकेगा।
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जिले के 8 ब्लॉकों में वीडीए माॅडल सामुदायिक भवन और बरात घर का निर्माण कराएगा। इससे संबंधित ब्लॉक के लोगों को किसी भी कार्यक्रम के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। न ही इसके लिए अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। सामान्य शुल्क में ही आम जनता को ये स्थान मुहैया कराए जाएंगे।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के अनुसार सेवापुरी के ठठरा गांव में 2.75 करोड़ रुपये से काम शुरू करा दिया गया है। इस परियोजना से क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। शासन की मंशा के अनुरूप हर ब्लॉक में सामुदायिक भवन और बरातघर के निर्माण को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
सबसे अधिक दिक्कत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेटियों की शादी विवाह व अन्य कार्यक्रम कराने में होती है। इसे देखते हुए हर ब्लॉक में इस प्रकार के सामुदायिक भवन और बरात घर से काफी लाभ होगा। इसके लिए लंबे समय से मांग की जा रही है।
सेवापुरी में होने वाले निर्माण कार्य की माॅनीटरिंग वीडीए ने शुरू कर दी है। वीडीए उपाध्यक्ष ने निर्माण कार्य को निर्धारित अवधि और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने को कहा है। साथ ही अवर अभियंता को नियमित निरीक्षण करने की भी जिम्मेदारी दी है ताकि काम को लेकर किसी प्रकार की देरी न होने पाए।
जियोट्रिक्स साॅफ्टवेयर से चिह्नित अवैध निर्माणों का एक सप्ताह में दाखिल कराएं शमन मानचित्र
जियोट्रिक्स साॅफ्टवेयर पर कार्रवाई और अवैध निर्माण के खिलाफ दाखिल वाद की समीक्षा शुक्रवार को वीडीए में की गई। इस दौरान अपर सचिव परमानंद यादव ने आईजीआरएस रिपोर्ट की गुणवत्ता सुधार के लिए सभी जोनल अधिकारी एवं अवर अभियंता को निर्देश दिए।
उन्होंने बैठक में कहा कि साॅफ्टवेयर की ओर से चिह्नित 500 वर्गमीटर से 1000 वर्ग मीटर और 1000 वर्गमीटर से अधिक बड़े नवनिर्माणों में निर्देश दिया गया कि निर्माणकर्ता को शमन मानचित्र एक सप्ताह में दाखिल करने का समय देते हुए अंतिम नोटिस भेंजे। यदि एक सप्ताह में निर्माणकर्ता की ओर से शमन मानचित्र दाखिल नहीं किया जाता है तो सील की कार्रवाई की जाए।
अवैध निर्माण के खिलाफ 16 वाद दाखिल हैं। सबसे अधिक जोन चार के नगवां और भेलूपुर वार्ड से 8 वाद हैं। बड़े एवं अशमनीय निर्माणों के खिलाफ प्राथमिकता पर वाद दाखिल करने का निर्देश जोनल अधिकारियों को दिया गया। आईजीआरएस प्रकरणों में अनिवार्य रूप से स्थलीय जांच करें। स्थलीय जांच का फोटोग्राफ निस्तारण रिपोर्ट में लगाएं।