पशुपालकों को होगा फायदा: वाराणसी में तीन दुग्ध अवशीतन केंद्र बनाएगा बनास डेयरी, प्रस्ताव भेजा गया
वाराणसी में भदैनी क्षेत्र स्थित मातलदेई में फिलहाल 50 हजार लीटर का एक मात्र दुग्ध अवशीतन केंद्र है। यहां वाराणसी समेत कई जिलों से प्रतिदिन करीब पांच हजार किसानों का 40 हजार लीटर दूध इकट्ठा होता है।
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वाराणसी जिले के 70 गांव के दुग्ध उत्पादकों की सुविधा के लिए काशी डेयरी (बनास डेयरी) तीन दुग्ध अवशीतन केंद्र बनाएगा। इसे करखियांव डेयरी प्लांट के निर्माण कार्य के साथ ही पूरा किया जाएगा। यहां किसान अपने दूध को प्रोसेसिंग यूनिट जाने तक सुरक्षित रख सकेंगे।इसका प्रस्ताव बनास कोआपरेटिव सोसाइटी के मुख्यालय में भेज दिया गया है। वहां से सहमति के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा।
काशी डेयरी का भदैनी क्षेत्र के मातलदेई में 50 हजार लीटर का एक मात्र दुग्ध अवशीतन केंद्र है। यहां वाराणसी सहित चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर जिलों से प्रतिदिन करीब पांच हजार किसानों का 40 हजार लीटर दूध इकट्ठा कर चार डिग्री तापमान पर रखा जाता है।
करखियांव डेयरी प्लांट में आएगा दूध
यहां से दूध बड़े टैंकरों में भर कर प्रोसेसिंग के लिए लखनऊ, कानपुर और बलिया भेजा जाता है। पांच लाख लीटर क्षमता वाले करखियांव डेयरी प्लांट के तैयार होने के बाद सब दूध यहीं आएगा। काशी डेयरी के यूपी प्रभारी डॉ. एसवी पटेल ने बताया कि दूग्ध उत्पादक समितियों से संग्रहित किए गए दूध को प्रोसेसिंग प्लांट तक ले जाने से पहले दूध को अवशीतन केंद्र में रखा जाता है।
यहां दूध की गुणवत्ता बरकरार रहती है। मातलदेई में अभी एक ही दुग्ध अवशीतन केंद्र है। यहां किसानों का दूध एकत्र किया जाता है। इसे जल्द ही बढ़ाकर चार करने की योजना है। नए चिलिंग सेंटर बनारस सहित जौनपुर, मिर्जापुर जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
कार्यालय मे संपर्क कर जुड़ सकते हैं नए किसान
जिले में करीब 128 दूध उत्पादक समितियों के पांच हजार किसान काशी डेयरी से जुड़कर डेयरी को 45 से 63 रुपये प्रतिलीटर तक दूध बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। यूपी प्रभारी ने बताया कि नए किसान जो प्रतिदिन एक लीटर से 300 लीटर तक दूध का उत्पादन नियमित करते हैं तो काशी डेयरी से जुड़कर व्यवसाय कर सकते हैं। इसके लिए कोई भी किसान काशी डेयरी के गौरा क्षेत्र के काशीपुर स्थित कार्यालय में सुबह नौ बजे से 12 बजे के बीच संपर्क कर सकता हैं।