{"_id":"6780297f525762798e0ca5ee","slug":"banaras-club-should-file-reply-in-four-weeks-high-court-varanasi-news-c-20-vns1056-851001-2025-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार हफ्ते में जवाब दाखिल करे बनारस क्लब : हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार हफ्ते में जवाब दाखिल करे बनारस क्लब : हाईकोर्ट
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बनारस क्लब का मसला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को इस मसले पर न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने उसे खारिज करने की क्लब की मांग ठुकरा दी। आदेश दिया कि बनारस क्लब समेत सभी पक्ष चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। इसके बाद याची अपना प्रत्युत्तर एक सप्ताह के अंदर दाखिल करे, फिर मामले की सुनवाई की जाएगी।
बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने अपनी याचिका पर खुद बहस की। अधिवक्ता ने दलील पेश की कि तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ल ने 27 जनवरी 2011 को आराजी नंबर 211 मौजा पहाड़पुर और आराजी नंबर 850 मौजा सिकरौल से बनारस क्लब के कब्जे को अवैध मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
इसके खिलाफ क्लब ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की है। अपील पिछले 14 साल से लंबित है। पत्रावली का मुआयना करने पर सामने आया कि 30 से ज्यादा स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस कारण मामला लटका है। अधिवक्ता ने कहा कि अपील में पार्टी बनने की अर्जी उन्होंने 10 अक्तूबर 2023 को दाखिल की थी। उनकी अर्जी पर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने भी लिखित सहमति और सहयोग दिया था। पार्टी बनने की अर्जी 17 मई 2024 को खारिज कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बनारस क्लब का मसला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को इस मसले पर न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने उसे खारिज करने की क्लब की मांग ठुकरा दी। आदेश दिया कि बनारस क्लब समेत सभी पक्ष चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। इसके बाद याची अपना प्रत्युत्तर एक सप्ताह के अंदर दाखिल करे, फिर मामले की सुनवाई की जाएगी।
बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने अपनी याचिका पर खुद बहस की। अधिवक्ता ने दलील पेश की कि तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ल ने 27 जनवरी 2011 को आराजी नंबर 211 मौजा पहाड़पुर और आराजी नंबर 850 मौजा सिकरौल से बनारस क्लब के कब्जे को अवैध मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
विज्ञापन
इसके खिलाफ क्लब ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की है। अपील पिछले 14 साल से लंबित है। पत्रावली का मुआयना करने पर सामने आया कि 30 से ज्यादा स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस कारण मामला लटका है। अधिवक्ता ने कहा कि अपील में पार्टी बनने की अर्जी उन्होंने 10 अक्तूबर 2023 को दाखिल की थी। उनकी अर्जी पर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने भी लिखित सहमति और सहयोग दिया था। पार्टी बनने की अर्जी 17 मई 2024 को खारिज कर दी गई।
विज्ञापन