बलिया: पत्रकार रतन की हत्या मामले में प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल, कहा-पत्रकारों को सुरक्षा देने में सरकार का रवैया निंदनीय
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बलिया जिले में इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन सिंह की हत्या में मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वांचल प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से बीते 3 महीने में पत्रकारों की हुई हत्या की घटनाओं का जिक्र किया है।
उन्होंने ट्वीट किया " 19 जून- श्री शुभम त्रिपाठी की हत्या, 20 जुलाई-श्री विक्रम जोशी की हत्या, 24 अगस्त- श्री रतन सिंह की हत्या, बलिया। पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या। 11 पत्रकारों पर खबर लिखने के चलते FIR। यूपी सरकार का पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता को लेकर ये रवैया निंदनीय है। "
19 जून - श्री शुभममणि त्रिपाठी की हत्या
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 25, 2020
20 जुलाई - श्री विक्रम जोशी की हत्या
24 अगस्त- श्री रतन सिंह की हत्या, बलिया
पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या।
11 पत्रकारों पर खबर लिखने के चलते FIR।
यूपी सरकार का पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता को लेकर ये रवैया निंदनीय है।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों और पत्रकारों ने मंगलवार को शव को सड़क पर रखकर तीन घंटे तक जाम लगाया। प्रशासन ने पांच लाख की फौरी सहायता और पत्नी को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। सीएम की ओर से भी दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मृतक के पिता विनोद कुमार सिंह की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि समेत 10 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। छह को गिरफ्तार कर लिया गया है। फेफना थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है।
मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि मेरे पुत्र रतन सिंह को साजिश के तहत मेरे गांव के ही सोनू सिंह पुत्र स्व. विश्वनाथ सिंह घर से बुलाकर ले गए जहां मेरे बेटे को लाठी-डंडा से पीटा गया। इसके बाद तमंचा और रिवाल्वर से सिर में गोली मार दी गई। इस घटना को मेरे भाई मनोज सिंह और कौशल कुमार सिंह ने देखा है।