बलिया हत्याकांड: पुलिस को पहले से थी साजिश की भनक, सामने आया प्रशासन की लापरवाही का मामला
- 18 सितंबर को ही रेवती पुलिस ने की थी 35 लोगों के खिलाफ धारा 107/16 की कार्रवाई
- पुलिस की शांति भंग की कार्रवाई में धीरेंद्र पक्ष के 24 और प्रधान पक्ष के 11 लोगों के थे नाम
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उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के दुर्जनपुर में कोटे की दुकान के चयन को लेकर 15 अक्तूबर को खूनी संघर्ष की आशंका रेवती पुलिस को पहले से थी। थाने से इसकी सूचना तहसील को भी दी थी, इसके बाद भी खुली बैठक में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने से तहसील और पुलिस प्रशासन शक के घेरे में है। मामले में एसडीएम और सीओ बैरिया समेत दर्जनों पुलिसकर्मी निलंबित चल रहे हैं।
अब पता चला है कि रेवती पुलिस ने 18 सितंबर को ही पंचायत चुनाव के मद्देनजर दुर्जनपुर गांव के 35 लोगों को 107/16 (शांति भंग की आशंका) में पाबंद किया था। इसमें धीरेंद्र के पक्ष से 24 और प्रधान पक्ष के 11 लोग शामिल थे।
बाद में 15 अक्तूबर को खुली बैठक में हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों ने जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें पहले से पाबंद किए गए नौ लोग शामिल हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि पुलिस व तहसील प्रशासन को गांव में तनाव की जानकारी थी तो खुली बैठक रखी ही क्यों गई? और यदि रखी भी गई तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।
18 सितंबर 2020 को रेवती थाने के एसआई सूर्यकांत पांडेय ने 107/16 की कार्रवाई करते हुए उल्लेख किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर अभी से दुर्जनपुर गांव में पार्टी बंदी होनी शुरू हो गई है। इससे गांव में अप्रिय घटना होने की संभावना है। उन्होंने गांव के कुल 35 लोगों का जिक्र करते हुए उन्हें पाबंद करने की बात कही है।
18 सितंबर को थाने से भेजी गई रिपोर्ट को 25 सितंबर को क्षेत्राधिकारी बैरिया के कार्यालय से कार्रवाई के लिए अग्रसारित करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट बैरिया के कार्यालय में भेजा गया है। 25 सितंबर को ही कार्यालय में कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद भी अब तक 35 लोगों में से एक के भी खिलाफ समन नहीं जारी किया गया है।
इस संबंध में बात करने पर एसडीएम बैरिया कार्यालय के एक बाबू ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए दुर्जनपुर के 35 लोगों को पाबंद किया गया है। चुनाव में अभी काफी समय है। इसलिए किसी का ध्यान इस पत्रावली पर नहीं गया होगा।
मुझे 15 अक्तूबर की घटना के बाद ही बैरिया थाने का प्रभार दिया गया है। इस तरह का मामला में मेरे संज्ञान में नहीं है। - दुष्यंत कुमार वर्मा, एसडीएम, बांसडीह/बैरिया
दुर्जनपुर के ये लोग किए गए थे दोनों पक्षों से पाबंद
दुर्जनपुर गांव के जिन लोगों को शांति भंग की अशंका में पाबंद किया गया है, उनमें धीरेन्द्र प्रताप सिंह डब्लू, नरेन्द्र प्रताप सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, सौरभ कुमार सिंह, प्रयाग सिंह, प्रदीप सिंह, प्रवीण सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, राजेश तिवारी, प्रभात सिंह, राजकुमार राम, रंगलाल यादव, मनोज वर्मा, संतोष यादव, योगेन्द्र उर्फ माझिल वर्मा, गोलू सिंह, जित्येन्द्र पाल, सौरभ तिवारी, सोनू वर्मा, विजय कुमार तिवारी, वकील गोड़, विजय कुमार वर्मा, दिनेश सिंह, नागा गोड़, कृष्ण कुमार यादव प्रधान, विजय यादव, कंचन तिवारी, विनय तिवारी, ओमप्रकाश पाल, संजय कुमार तिवारी, सोनू तिवारी, हरिशंकर वर्मा, मुन्ना कुमार साहनी, संजय कुमार गुप्ता तथा कुड़ी सिंह का नाम शामिल है।
पाबंद किए गए लोगों में से ये लोग मुकदमे में भी हैं नामजद
दुर्जनपुर गांव के जिन 35 लोगों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की गई थी, उनमें से धीरेन्द्र प्रताप सिंह, नरेन्द्र प्रताप सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रयाग सिंह, प्रभात सिंह, रामकुमार राम, कृष्णकुमार यादव प्रधान, विजय कुमार यादव तथा ओमप्रकाश पाल का नाम दोनों पक्षों से दर्ज कराए गए मुकदमे में भी शामिल हैं।